आइपीएस उदय किरण ने मुझे थाने में सबके बीच कहा कि मैं तुम्हारी हड्डी तोड़ दूंगा। तेरे खिलाफ गैरजमानती धाराएं लगाऊंगा।
आवेश तिवारी@रायपुर. ‘आइपीएस उदय किरण ने मुझे थाने में सबके बीच कहा कि मैं तुम्हारी हड्डी तोड़ दूंगा। तेरे खिलाफ गैरजमानती धाराएं लगाऊंगा। मैंने मुख्यमंत्री की विकास यात्रा के दौरान सरायपाली में आइजी से उदय किरण की एक अन्य मामले में शिकायत की थी, लेकिन कोई कारवाई नहीं की गई।’ महासमुंद के निर्दलीय विधायक विमल चोपड़ा ने ‘पत्रिका’ से विशेष बातचीत में ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि मैंने उदय किरण को कभी बलात्कारी नहीं कहा, न गाली दी, हां यह जरूर है कि ऊंची आवाज में बहस हुई थी।
आइपीएस उदय किरण द्वारा पिटाई के प्रकरण में चोपड़ा ने कहा कि घटना वाले दिन जब मैं थाने पहुंचा मुझे देखकर एसआइ समीर डुंगडुंग ने मुझे सम्मान नहीं दिया। इस पर मैंने उनसे कहा कि मैं आपके शहर का विधायक हूं। आप कुर्सी से खड़े होकर मुझे सम्मान तो दे ही सकते हो। लेकिन वो खड़े होने के बजाय मुझे घूरने लगे। मैंने एसआइ के इस दुव्र्यवहार की टीआइ से शिकायत भी की। इसके बाद टीआइ के कहने पर एसआइ कुर्सी से खड़े हुए। इसके पहले मैंने थानेदार से लेकर एसपी तक सभी को लगभग 25 मिनट तक फोन लगाया, लेकिन किसी ने भी फोन उठाने की जहमत नहीं की।
विमल चोपड़ा ने कहा, मैंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी है। मेरी इस मामले में एक पैसे की भी गलती नहीं है। सीएम साहब का जो बयान आया है, उससे लगता है कि उन्हें प्रशासन ने गलत फीड किया है, महासमुंद में भाजपा के कई लोग मेरे विरोध में हैं। घटना वाले दिन मैं दो घंटे 50 मिनट तक गुहार लगाता रहा, लेकिन एफआइआर दर्ज नहीं की गई। अगर यह मामला गलत था तो झूठी एफआइआर कराने का केस दर्ज किया जाता, क्योंकि यह सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग है।
विधायक का कहना है कि थाने में मेरी और टीआइ की शांतिपूर्ण माहौल में बातचीत हो रही थी। इसी बीच उदय किरण आ गए। उन्होंने कहा सबको गिरफ्तार करो और बाद में सबको धक्का देकर चैनल गेट से बाहर निकलवा दिया। हमने उनसे कहा कि आप एकतरफा कारवाई कैसे कर सकते हैं, एसआइ के खिलाफ और छेडख़ानी के आरोपियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज करें। इस पर उन्होंने कहा कि मेरे एसआइ ने जो भी किया होगा, वो ठीक किया होगा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा का मॉनसून सत्र सोमवार को शुरू हो रहा है। चार दिन के इस सत्र में केवल चार बैठकें होनी हैं। चौथी विधानसभा का आखिरी सत्र होने की वजह से इसके खासे हंगामेदार होने के आसार हैं। मॉनसून सत्र में विधायक विमल चोपड़ा की थाने में पिटाई और पुलिस परिवारों के आंदोलन का मामला भी गरमाएगा। सत्र की शुरुआत दिवंगत पूर्व सांसद व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी केयूर भूषण, पूर्व मंत्री हेमचंद्र यादव तथा विक्रम भगत को श्रद्धांजलि देकर होगी। 3 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह वर्ष का पहला अनुपूरक बजट पेश करेंगे। इसमें शिक्षाकर्मियों के संविलियन के बाद वेतन-भत्तों के लिए धन की व्यवस्था की गई है। 4 जुलाई को अनुपूरक बजट पर चर्चा और मतदान होगा।
अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष : कांग्रेस इस सत्र में भी अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। विपक्षी विधायक इसके जरिए सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों पर बोलना चाहते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मुख्यमंत्री का कहना है कि विपक्ष को यह आखिरी कोशिश भी कर लेनी चाहिए। वे लोग जनता के मन में हमारे प्रति अविश्वास पैदा नहीं कर पाएंगे।
भाजपा कार्यालय से विस तक पैदल जाएंगे तीन विधायक : विधायक अमित जोगी, सियाराम कौशिक और आर.के. राय ने सोमवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर से विधानसभा तक पैदल जाने की घोषणा की है। जोगी ने कहा कि इसी जगह से 2013 में भाजपा ने घोषणापत्र जारी कर धान का समर्थन मूल्य 2100 रुपए देने का वादा किया था। वादाखिलाफी की याद दिलाने वे लोग घोषणापत्र और धान की बाली लेकर जाएंगे।