रायपुर

New Trend : बच्चे व बुजुर्ग की देखभाल करने अब हायर कर रहे युवाओं को, लेकिन…

CG Raipur News : रायपुर में एक दर्जन से ज्यादा एजेंसियां लोगों को केयरटेकर उपलब्ध कराने का काम भी कर रही हैं।
2 min read
• •
Updated: 6 May 2023, 3:38 PM IST
New Trend : बच्चे व बुजुर्ग की देखभाल करने अब हायर कर रहे युवाओं को, लेकिन...
New Trend : बच्चे व बुजुर्ग की देखभाल करने अब हायर कर रहे युवाओं को, लेकिन...

CG Raipur News : भागदौड़ भरी जिंदगी में अपनों की देखभाल अच्छे से हो सके, इसलिए मेट्रो सिटी की तर्ज पर राजधानी रायपुर में केयरटेकर (देखभाल करने वाले व्यक्ति) रखने का चलन बढ़ा है। जिस घर में पति-पत्नी वर्किंग हैं? या समाज में रुतबा दिखाना है, तो अपने बच्चों और घर के बुजुर्गों की देखभाल करने के लिए वो केयरटेकर रख रहे हैं। जरूरतमंदों की जरूरत को देखते हुए रायपुर में एक दर्जन से ज्यादा एजेंसियां लोगों को केयरटेकर उपलब्ध कराने का काम भी कर रही हैं। लोगों की मदद आसानी से हो सके, इसलिए सोशल मीडिया के माध्यम से वो अपना प्रचार प्रसार भी कर रहे है, ताकि जरूरतमंद उन्हें फोन करें और वो पैसे लेकर कर्मचारियों की नियुक्ति कर सके।

प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों कि नियुक्ति

इसमें रजिस्ट्रेशन शुल्क अलग से है। घंटों के हिसाब से भी प्लेसमेंट एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों को नियुक्त किया जाता है। केयरटेकर के रूप अधिकांशत: नर्सिंग की पढ़ाई कर रहे छात्रों को एजेंसी लोगों के डिमांड पर भेज रहे हैं। वहीं बच्चों की देख रेख करने के लिए 25 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को नियुक्ति दी जा रही हैं।

र का बना अवसर

एकल परिवार की जरूरतमंद ने पढे-लिखे लोगों के लिए रोजगार का अवसर निकाला है। केयरटेकर नियुक्त करने के एवज में एजेंसी संचालक 15 हजार से लेकर 25 हजार रुपए तक चार्ज कर रहे हैं।

केयरटेकर रखते समय बरतनी चाहिए ये सावधानी

- रजिस्टर्ड संस्थाओं से केयरटेकर सर्विस लेें।

- केयरटेकर की मेडिकल हिस्ट्री का रेकॉर्ड लेना चाहिए।

- जिन संस्था ने केयरटेकर के भेजा हो, उसके रजिस्ट्रेशन की जांच भी करवा लें।

- केयर टेकर को फर्स्ट ऐड की जानकारी होनी चाहिए।

- केयर टेकर का पुलिस वेरीफिकेशन भी जरूरी है।

केयरटेकर को यदि कोई परिवार रख रहा है, तो पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए। रजिस्टर्ड एजेंसी से ही केयरटेकर को हॉयर करें ताकि नौकरी की आड़ में संदिग्ध व्यक्ति लोगों के घर में ना जा सके।

-अभिषेक माहेश्वरी, एएसपी सिटी, रायपुर

Published on: