नियमों में बदलाव के बाद कोई भी विषय का अभ्यर्थी किसी भी विषय की पढ़ाई करा सकता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव इसलिए किया गया है, क्योंकि प्राथमिक स्तर पर विषयवार शिक्षकों की आवश्यकता नहीं होती है। हालांकि सहायक शिक्षकों को डीएड, बीएड या बीएलडी उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें टीईटी भी उत्तीर्ण करनी होगी। यह व्यवस्था शिक्षकों के लिए भी लागू होगी। बता दें कि स्कूल शिक्षा विभाग ने एक दिन पूर्व ही बस्तर और सरगुजा संभाग में 12 हजार 489 रिक्त पदों पर व्याख्यता, शिक्षक और सहायक शिक्षकों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया है। जारी विज्ञापन में शिक्षकों और सहायक शिक्षकों के लिए विषयवार पदों की संख्या नहीं दी गई है। विषयवार पदों की संख्या केवल व्याख्याताओं के लिए दी गई है।