छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Chhattisgarh's capital Raipur) समेत अन्य शहरों के बाजार में तेंदू फल (Tendu fruit) अब फिर से अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। यह फल, जिसे 'वनों का राजा' ('king of forests') कहा जाता है, न केवल सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान है।
इस साल तेंदू फल की कीमत बाजार में 120 से 150 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है। तेंदू फल का सेवन सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद होता है। यह फल प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन सी और फाइबर से भरपूर होता है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह फल कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए भी फायदेमंद है। इसके अलावा, तेंदू फल को पारम्परिक चिकित्सा में भी इस्तेमाल किया जाता है, जो इसके बहुमुखी गुणों को प्रमाणित करता है।
तेंदू फल का सीधा असर कृषि और ग्रामीण जीवन पर पड़ता है। यह फल विशेष रूप से बस्तर, गरिबंद, सरगुजा जैसे इलाकों से आता है। इन क्षेत्रों में तेंदू की खेती ग्रामीण किसानों के लिए आमदनी का एक अहम स्रोत है। तेंदू की सस्ती और ताजगी से भरी खेप किसानों के लिए एक आकर्षक विकल्प बन चुकी है। साथ ही, यह फल स्थानीय बाजारों में बेचने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलता है।
शहर के प्रमुख बाजारों में जैसे शास्त्री बाजार, भाठागांव, पुरानी बस्ती, महामाईपारा, बुढ़ापारा, शंकर नगर में इस समय तेंदू फल बिक रहा है। इन बाजारों में तेंदू फल की मांग बढ़ने के साथ ही व्यापारियों और किसानों को इससे अच्छा लाभ हो रहा है। तेंदू फल की बढ़ी हुई कीमत इस समय इसे एक अच्छे व्यापारिक अवसर के रूप में देखी जा रही है।