रायपुर

Chhattisgarh News: पंडवानी गायिका तीजन बाई की अस्थियां विसर्जित,प्रयागराज में संगम तट पर परिजनों ने दी अंतिम विदाई

Teejan Bai: पंडवानी गायिका और पद्मविभूषण सम्मानित तीजन बाई की अस्थियों का प्रयागराज के पवित्र त्रिवेणी संगम में विधि-विधान से विसर्जन किया गया। परिजनों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी और श्रद्धांजलि अर्पित की।
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Jul 13, 2026
Teejan Bai News
प्रयागराज में संगम तट पर पंडवानी गायिका तीजन बाई की अस्थियां विसर्जित (photo Patrika)

Teejan Bai News: छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका और पद्मविभूषण सम्मान से अलंकृत तीजन बाई की अस्थियों का सोमवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित पवित्र त्रिवेणी संगम में विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, करीबी रिश्तेदार और शुभचिंतक मौजूद रहे। सभी ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

लोककला की महान हस्ती को अंतिम विदाई

तीजन बाई ने अपने जीवनभर पंडवानी लोककला को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई। अपनी अनूठी गायन शैली और प्रभावशाली प्रस्तुति से उन्होंने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच तक पहुंचाया। उनके निधन के बाद प्रदेश ही नहीं, पूरे देश के कला और संस्कृति जगत में शोक की लहर दौड़ गई। अस्थि विसर्जन के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि तीजन बाई का व्यक्तित्व और उनकी कला हमेशा नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

त्रिवेणी संगम में धार्मिक परंपरा के अनुसार हुआ विसर्जन

प्रयागराज के त्रिवेणी संगम को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इसी आस्था के अनुरूप परिवार ने वैदिक विधि-विधान के साथ तीजन बाई की अस्थियों का विसर्जन किया। पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और उनकी आत्मा की शांति की कामना की गई।

अमर रहेगी तीजन बाई की विरासत

परिवारजनों ने कहा कि तीजन बाई भले ही अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनकी कला और लोकसंस्कृति के प्रति उनका समर्पण हमेशा जीवित रहेगा। पंडवानी को विश्व पटल पर पहचान दिलाने वाली इस महान कलाकार का योगदान भारतीय सांस्कृतिक इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। प्रयागराज के पवित्र संगम में अस्थि विसर्जन के साथ तीजन बाई की अंतिम धार्मिक रस्में संपन्न हुईं, लेकिन उनकी सांस्कृतिक विरासत और लोककला के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

छत्तीसगढ़ विधानसभा में तीजन बाई को सबसे लंबी श्रद्धांजलि

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सदन का माहौल भावुक रहा। प्रदेश की महान पंडवानी गायिका और पद्मविभूषण से सम्मानित तीजन बाई को विधानसभा में 30 मिनट से अधिक समय तक श्रद्धांजलि दी गई। यह श्रद्धांजलि आज दिवंगत हस्तियों को दी गई श्रद्धांजलियों में सबसे लंबी रही।सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्यों ने एक स्वर में तीजन बाई के कला, संस्कृति और समाज के प्रति योगदान को याद किया। कई विधायकों ने उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए और उन्हें छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान बताया।


Updated on:
13 Jul 2026 07:02 pm
Published on:
13 Jul 2026 07:02 pm