22 और 23 अगस्त के बीच पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियों को प्रदेश में प्रवाहित होने वाली नदियों में विसर्जित किया जाएगा
रायपुर. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां छत्तीसगढ़ भी आएंगी। 22 और 23 अगस्त के बीच उनकी अस्थियों को प्रदेश में प्रवाहित होने वाली नदियों में विसर्जित किया जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी के शासन में ही 1 नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण हुआ और छत्तीसगढ़ देश का 26वां राज्य बना। इसलिए उन्हे हमेशा छत्तीसगढ़ से गहरा लगाव रहा था।
छत्तीसगढ़ गठन के पहले (अविभाजित मध्य प्रदेश) और गठन बाद के अटल बिहारी वाजपेयी का छत्तीसगढ़ कई बार आना हुआ। अटलजी का व्यक्तित्व इतना प्रभावशाली का था कि पार्टी नेताओं के साथ अन्य राजनीतिक दलों के नेता भी उनसे मिलने के लिए आतुर रहते थे।
दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां रविवार को गंगा में विलीन हो गईं। वाजपेयी की अस्थियों को उनकी दत्तक पुत्री नमिता ने रविवार को हरिद्वार में विसर्जित कर दिया। हरकी पैड़ी घाट पर अस्थि विसर्जन के दौरान वाजपेयी की नातिन निहारिका, गृह मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपाध्यक्ष अमित शाह, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी मौजूद रहे।
इससे पूर्व हजारों लोग अस्थिकलश यात्रा में शामिल हुए। रविवार को वाजपेयी की अस्थि कलश यात्रा हरिद्वार के भल्ला इंटर कालेज के ग्राउंड से शुरू हुई। यात्रा करीब चार किमी का सफर तय कर हरकी पैड़ी पहुंची।
अस्थिकलश यात्रा के दौरान सडक़ के दोनों ओर लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। लोग पुष्प वर्षा कर नम आंखों से वाजपेयी को श्रद्धांजलि दे रहे थे। सुबह करीब 10.14 बजे वायुसेना के विशेष विमान से अस्थियां जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचा था।