रायपुर

Ayushman Card: मरीजों को बड़ी राहत.. आयुष्मान कार्ड नहीं होने पर 50 फीसदी जांच शुल्क देने की सुविधा

Ayushman Card: रायपुर में जिन मरीजों के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं है, उन्हें अब केवल आधा यानी 50 फीसदी जांच शुल्क देना होगा। यह शुल्क सीजीएचएस रेट का आधा होगा। यह नियम लागू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।

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Sep 28, 2024

Ayushman Card: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में जिन मरीजों के पास आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं है, उन्हें अब केवल आधा यानी 50 फीसदी जांच शुल्क देना होगा। यह शुल्क सीजीएचएस रेट का आधा होगा। यह नियम लागू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। जांच में रेेडियो डायग्नोस्टिक व विभिन्न लैब में जांच शामिल है। अस्पताल में भर्ती करीब 10 फीसदी मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता। इसमें स्थानीय व दूसरे राज्यों के मरीज होते हैं। अब उन्हें आधा शुल्क ही देना होगा।

Ayushman Card: इलाज में होती थी दिक्कतें

Ayushman Card: अस्पताल प्रबंधन ने सभी एचओडी, अकाउंट, कैश व आयुष्मान शाखा को पत्र लिखकर नए नियम के अनुसार बिल बनाने को कहा है। नियम नहीं होने के कारण कई बार स्टाफ को बिल बनाने में दिक्कत होती थी। इससे कई बार मरीज, उनके परिजन व स्टाफ के बीच विवाद की स्थिति बनती थी। दरअसल बिल का डिटेल वार्डों में बनता है। यह डिस्चार्ज होने के पहले प्रभारी स्टाफ नर्स बनाती है। इसके बाद सीएमओ के हस्ताक्षर के बाद बिलिंग शाखा में कैश पटाना होता है।

Ayushman Card: सबसे आखिर में सेंट्रल डिस्चार्ज काउंटर से मरीज का डिस्चार्ज हो जाता है। अधीक्षक डॉ. एसबीएस नेताम ने सभी एचओडी व अन्य शाखा को भेजे पत्र में कहा है कि प्रदेश के कई मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं होता। ऐसे में उनके इलाज में परेशानी होती है। ऐसे ही दूसरे प्रदेश के मरीजों को आयुष्मान कार्ड का लाभ नहीं मिलता इसलिए उन्हें कैश देकर इलाज कराना पड़ता है। शुल्क निर्धारित नहीं होने के कारण इलाज में दिक्कतें होती हैं।

Ayushman Card: दूसरे राज्यों के मरीजों को आयुष्मान का लाभ नहीं

दूसरे प्रदेश के मरीजों को आंबेडकर समेत दूसरे सरकारी व निजी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं मिलता। दरअसल इलाज के क्लेम का पैसा स्टेट नोडल एजेंसी के माध्यम से मिलता है। यानी ये प्रदेश सरकार के अधीन है। कोई ओडिशा या मध्यप्रदेश के मरीज का फ्री इलाज नहीं हो सकता है, क्योंकि क्लेम का भुगतान मध्यप्रदेश व ओडिशा सरकार को करना होगा।

ऐसे भुगतान के लिए प्रदेश व दूसरे राज्यों के सरकार के बीच कोई एमओयू भी नहीं हुआ है। इसलिए फ्री इलाज में परेशानी हो रही है। जबकि राजधानी समेत प्रदेश के ज्यादातर निजी अस्पतालों में ओडिशा की बीजू स्वास्थ्य योजना से ओडिशा के मरीजों का फ्री इलाज हो रहा है, क्योंकि निजी अस्पतालों का ओडिशा सरकार के साथ एमओयू हुआ है।

एमआरआई जांच अब 1800 से 2500 में

आंबेडकर अस्पताल में अब बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों की एमआरआई जांच 1800 से 2500 रुपए में हो सकेगी। दरअसल प्लेन एमआरआई जांच के लिए 3600 व कंस्ट्रास्ट जांच के लिए 5000 रुपए शुल्क निर्धारित है। 50 फीसदी शुल्क लेने से अब मरीजों को आधा शुल्क देना होगा। इसी तरह सीटी स्कैन के लिए 600 से 3000 रुपए शुल्क लगता है। अब ये जांच भी आधे शुल्क में होने लगेगी। इसी तरह कई ब्लड टेस्ट के लिए आधा शुल्क देना होगा। जिन मरीजों के पास आयुष्मान कार्ड होता है, उन्हें ओपीडी में भी एमआरआई व सीटी स्कैन जांच फ्री में कराने की सुविधा है। ये सुविधा केवल आंबेडकर अस्पताल में है।

Published on:
28 Sept 2024 01:35 pm
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