रायपुर

Baloda Bazar Violence: सरकार के मंत्री बोले- हिंसा के पीछे कांग्रेस का हाथ, इधर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से मांगा इस्तीफा

Baloda Bazar Violence: तीन मंत्रियों ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता लेकर इस हिंसा के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिंसा के पीछे सरकार के खुफिया विभाग को फेल्योर बताते हुए..
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Updated: 13 Jun 2024, 7:57 AM IST
Baloda Bazar Violence

Baloda Bazar Violence: बलौदाबाजार में हिंसा के बाद अब इसमें राजनीति की एंट्री हो गई है। सरकार के तीन मंत्रियों ने मंगलवार को पत्रकारवार्ता लेकर इस हिंसा के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हिंसा के पीछे सरकार के खुफिया विभाग को फेल्योर बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से इस्तीफा मांगा है।

कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा है कि अपनी नाकामी छुपाने के लिए मंत्री कांग्रेस पर आरोप लगा रहे हैं। वहीं 14 जून को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मुख्य मंत्री भूपेश बघेल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सभी विधायक गण बलौदाबाजार जाएंगे।

Baloda Bazar Violence: मंच पर बैठे लोगों ने भड़काया: मंत्री दयाल दास बघेल

सर्किट हाउस में मंगलवार की शाम मंत्री दयाल दास बघेल, मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और मंत्री टंकराम वर्मा ने पत्रकारवार्ता की। इसमें मंत्री बघेल ने कहा, कार्यक्रम सतनामी समाज की ओर से किया गया था। ( Baloda Bazar Violence Update ) मंच पर भिलाई नगर के विधायक देवेन्द्र यादव का क्या काम था। वो मंच में बैठे रहे और लोगों को भड़ाने का काम किया। इस मंच पर पूर्व मंत्री गुरु रुद्रकुमार और बिलाईगढ़ की विधायक कविता प्राण लहरे भी मंच पर थीं।

सतनामी समाज शांतप्रिय समाज है। उनकी ओर से ऐसे तोड़फोड़ की घटना नहीं की जा सकती, लेकिन कुछ लोगों सामने और कुछ लोगों ने भीतर से लोगों को भड़काकर इस घटना को अंजाम दिया है। कांग्रेस अपनी हार को पचा नहीं पा रही है और इस तरह से घटना को अंजाम देने का प्रयास कर रही है।

प्रदेश में इतनी बड़ी हिंसा कभी नहीं हुई : भूपेश बघेल

बलौदाबाजार में हुई हिंसा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर हमला बोला है। दिल्ली से लौटने के बाद बघेल ने कहा, यह छत्तीसगढ़ की पहली घटना है। मैं समझता हूं कि पूरे देश में इस तरह की घटना नहीं हुई होगी। पूरा कलेक्टर और एसपी कार्यालय आग के हवाले कर दिया गया हो। कलेक्टर-एसपी के वाहन के साथ-साथ अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिक के वाहन जलकर खाक हो गई हो।

कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत खराब है। इस घटना के लिए जो भी जिम्मेदार है उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सवाल उठ रहा है कि प्रदर्शन को इतना उग्र होने किसने दिया? खुफिया विभाग पूरी तरह फेल रहा है। हिंसा की घटना की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं समाज से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं।

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13 Jun 2024, 7:57 AM IST
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