
CG Vidhansabha: छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन के गर्भगृह की सीलिंग में धान की बालियों का इंटीरियर प्रदेश का मान बढ़ाएंगे। वहीं बस्तर शिल्पियों की ओर से तैयार फर्नीचर में बैठकर सत्ता और विपक्ष के सदस्य प्रदेश के विकास की नई गाथा लिखने का काम करेंगे। नया विधानसभा प्रदेश की समृद्ध कला व सांस्कृतिक विरासत का संदेश देगा। विधानसभा की हर सीढ़ी में आंध्र प्रदेश से मंगाए पौधे रहेंगे। इसके लिए दिल्ली से विशेष प्रकार के फाइबर गमले मंगाए गए हैं। राज्य की 25वीं रजत जयंती के अवसर पर 1 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए भवन का उद्घाटन करेंगे।
जानकारी के मुताबिक विधानसभा परिसर में दो सरोवर का भी निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा महुआ, कुसुम, साल और सागौन का एक तरह से छोटा जंगल तैयार किया जाएगा। वास्तु के अनुसार अन्य पेड़-पौधे भी लगाएं जाएंगे। इसके अलावा खूबसूरत गार्डन भी तैयार किया जाएगा।
विधानसभा सत्र के दौरान महिला विधायकों की बैठक व्यवस्था पूर्व की तरह ही रहेंगी। वहीं सदन के बाहर महिला विधायकों के लिए अलग से बैठक व्यवस्था की जा रही है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो। इसके अलावा पूर्व विधायकों के लिए सदन के बाहर अलग कमरा दिया जाएगा।
52 एकड़ में फैला विशाल परिसर
324 करोड़ रुपए की निर्माण लागत
5 लाख वर्गफीट का निर्माण क्षेत्र
200 विधायकों की बैठक क्षमता (वर्तमान में 90 विधायक हैं)
500 दर्शकों की क्षमता वाला अत्याधुनिक ऑडिटोरियम
700 वाहनों की पार्किंग व्यवस्था
24 मंत्रियों के हिसाब से अलग कक्ष का निर्माण
डिप्टी सीएम अरुण साव ने सोमवार को नए विधानसभा भवन का निरीक्षण किया और अधिकारियों को जरूरी निर्देश भी दिए। उन्होंने यहां एयर कंडीशनिंग चीलर प्लांट का भी जायजा लिया। साव ने कहा, नवीन विधानसभा भवन सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसे अगले 50 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। दीपावली के बाद शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा।
नए विधानसभा का भवन तीन सेक्टरों में बना हुआ है। इनमें सिविल के सभी काम लगभग पूरे हो गए हैं। अभी फिनिशिंग के काम पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए 900 मजदूर हर दिन काम कर रहे हैं। इनकी नियमित हाजरी लगाकर अलग-अलग काम सौंपा जाता है। इनमें तकनीकी टीम के साथ-साथ अन्य मजदूर भी शामिल हैं। पूरा परिसर सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा।
नए विधानसभा की डिजाइन इको-फ्रेंडली और ग्रीन बिल्डिंग को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। यहां करीब 300 किलोवॉट सोलर पैनल से पूरी तरह सौर ऊर्जा संचालित होगा।