
Raipur: छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने चलो दिल्ली रामलीला मार्च को लेकर कहा कि कल (1 नवंबर) दिल्ली में होने वाला विरोध प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। उन्होंने रायपुर में 31 अक्टूबर को कहा कि दिल्ली रैली पर देश-दुनिया की निगाहें रहेंगी। इस रैली के माध्यम से हम पीएम मोदी सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखेंगे।
भूपेश बघेल ने कहा कि ये मांगें हैं... पहली, मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाया जाए। दूसरी, एसआईआर(SIR) के तहत काटे गए 13 करोड़ मतदाताओं के नामों की प्रक्रिया निरस्त की जाए। तीसरी, देश में चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं।
बघेल ने आगे कहा कि कल केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा छत्तीसगढ़ आए थे, उन्होंने फिर बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा उठाया। लेकिन सवाल है कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर के दौरान काटे गए लगभग 25 लाख नामों में कितने बांग्लादेशी नागरिक थे? कितनों को पकड़ा गया और कितनों को डिपोर्ट किया गया? मैंने तीन अलग-अलग विधानसभा सत्रों में यह सवाल उठाया, लेकिन आज तक सरकार इसका जवाब नहीं दे पाई।
बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेता बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्याओं का डर दिखाते हैं, लेकिन सवाल यह है कि इसी बहाने देश के वास्तविक नागरिकों के वोट क्यों काटे जा रहे हैं? यह मामला सिर्फ वोटर आईडी तक सीमित नहीं है। भविष्य में सरकारी योजनाओं के लाभ और नागरिकता पर भी इसका असर पड़ सकता है।