Deepak Baij Tenure: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का तीन साल का कार्यकाल जुलाई में समाप्त होने वाला है। संगठन में बदलाव के संकेत के बीच टीएस सिंहदेव और उमेश पटेल नए प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
CG Congress Politics: कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के तीन साल का कार्यकाल जुलाई में पूरा होगा। इसे पहले ही संगठन में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में नए प्रदेश अध्यक्ष की चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। यहां तक दो प्रमुख दावेदारों के नाम खुलकर सामने आ रहे हैं। इनमें पूर्व डिप्टी सीएम टीएस ङ्क्षसहदेव और पूर्व मंत्री उमेश पटेल का नाम सबसे प्रमुख है। इन दिनों दोनों नेताओं का दिल्ली प्रवास पर भी तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।
दरअसल, यह संकेत मिले हैं कि कांग्रेस आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष को बदल सकती है। इसमें बैज का भी नाम शामिल है। उनके तीन साल का कार्यकाल 12 जुलाई को पूरा हो जाएगा। प्रदेश में सिंहदेव की गिनती प्रमुख नेताओं में की जाती है। वे सबको साथ लेकर चलने वाले नेता माने जाते हैं। इससे पहले वे वर्ष 2018 में मुख्यमंत्री की दौड़ में भी शामिल थे।
पिछले कुछ समय में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने कई अहम जिम्मेदारी भी दी है। वहीं, पूर्व मंत्री उमेश पटेल भी शीर्ष नेतृत्व के करीब माने जाते हैं। वे लगातार तीन बार के विधायक हैं। वे युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में भी पटेल का नाम शामिल था। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भी करीब है। इन चर्चाओं के बीच कांग्रेस के लिए आने वाला समय काफी महत्वपूर्ण होगा।
आने वाले तीन-चार महीने कांग्रेस के लिए नियुक्तियों के हिसाब से अहम होंगे। दरअसल, छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट खाली हो रही है। इसमें से एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय माना जा रहा है। यानी फूलोदेवी नेताम के कार्यकाल खत्म होने के बाद राज्यसभा सीट की नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष के गणित का हिसाब-किताब बनेगी।
जानकारों का कहना है कि इस सीट पर कांग्रेस किसी आदिवासी नेता को दिल्ली भेज सकती है। ऐसे में सामान्य वर्ग से नए प्रदेश अध्यक्ष बनाने का रास्ता खुल जाएगा। इसका फायदा सिंहदेव को मिल सकता है। यदि जातिगत समीकरण ज्यादा जोर पकड़ता है तो पटेल की दावेदारी सबसे मजबूत हो जाएगी। पटेल ओबीसी वर्ग से आते हैं। उनके पिता भी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
CG Congress Politics: यदि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव करती है तो नई नियुक्ति में वर्ष 2028 में होने वाले विधानसभा चुनाव का खास ध्यान रखा जाएगा। यदि सबकुछ ठीक रहा तो नए अध्यक्ष के नेतृत्व में ही विधानसभा का चुनाव लड़ा जाएगा। पिछले बार से प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी बस्तर से दी जा रही है।
इस बार बिलासपुर और सरगुजा संभाग से जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी वजह से सिंहदेव और पटेल को सबसे मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि जुलाई में नियुक्ति होने से नए प्रदेश अध्यक्ष को अपनी टीम बनाने के लिए पर्याप्त अवसर मिल सकेगा।