रायपुर

अजय चंद्राकर का दावा: छत्तीसगढ़ में 2 लाख ड्रग यूजर, 4 लाख गांजा उपभोक्ता, नशे के मुद्दे पर हंगामा

Chhattisgarh Politics: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेश में 2 लाख ड्रग यूजर और 4 लाख गांजा उपभोक्ताओं का दावा करते हुए प्रशासन को विफल बताया।

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Feb 25, 2026
छत्तीसगढ़ में 2 लाख ड्रग यूजर (photo source- Patrika)

Chhattisgarh Politics: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर और धरमलाल कौशिक ने प्रदेश में बढ़ते नशे के कारोबार को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि प्रशासन इस पर नियंत्रण पाने में नाकाम साबित हुआ है। हालांकि गृहमंत्री विजय शर्मा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है और प्रशासन विफल नहीं है।

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Chhattisgarh Politics: नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी

AIIMS और सामाजिक न्याय मंत्रालय के एक नेशनल सर्वे का हवाला देते हुए, अजय चंद्राकर ने कहा कि राज्य में ड्रग्स लेने वालों की संख्या 1.5 से 2 लाख के बीच पहुँच गई है, जबकि मारिजुआना इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग 3.8 से 4 लाख होने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि 10 से 17 साल के 40,000 से ज़्यादा बच्चे और किशोर इनहेलेंट और कफ सिरप जैसे ड्रग्स के आदी हैं। मानसिक तनाव और ड्रग्स की लत के कारण आत्महत्या के मामले भी बढ़े हैं, जिनकी संख्या लगभग 250 से 300 के बीच होने का अनुमान है।

इस पर जवाब देते हुए, गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 31 जनवरी, 2026 तक 146 मामले दर्ज किए गए हैं और 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 2025 में, 16 आरोपियों की लगभग ₹13.29 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त या फ़्रीज़ की गई। उन्होंने कहा कि सभी ज़िलों में स्पेशल टास्क फ़ोर्स बनाई गई हैं और ड्रग्स के गलत इस्तेमाल के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई जारी है। जब बात शराब पर आई तो गृह मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर अलग से लंबी चर्चा हो सकती है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सत्र चल रहा है और चर्चा होनी चाहिए, भले ही विषय लंबा हो।

सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस

प्रश्नकाल में अजय चंद्राकर ने गिग वर्करों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और रैपिडो जैसे प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा और श्रम अधिकारों पर सवाल किया। इस पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि वर्तमान में गिग वर्करों को संगठित या असंगठित श्रमिक की श्रेणी में शामिल नहीं किया गया है। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत केंद्र सरकार के नियम लागू होंगे और राज्य सरकार उसी के अनुरूप कार्य करेगी।

Chhattisgarh Politics: चंद्राकर ने यह भी कहा कि राज्य के युवा तेज़ी से ड्रग्स की लत के शिकार हो रहे हैं। रायपुर और दूसरे शहरों में ड्रग्स आसानी से मिल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में पुलिस वाले भी शामिल हैं। हाल ही में मारिजुआना पैकेजिंग के एक मामले में, आरोपियों के पास से एडवांस्ड कैमरे मिले, जिससे उन्हें पुलिस की गतिविधियों का अंदाज़ा हो गया।

उन्होंने दावा किया कि हशीश, मारिजुआना, ब्राउन शुगर, हेरोइन, अफीम, डोडा और नशीली गोलियों की तस्करी बढ़ रही है। पिछले चार महीनों में कई घटनाएं सामने आई हैं। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जैसे शहरों में पान की दुकानों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के ज़रिए ड्रग्स से जुड़े प्रोडक्ट बेचे जाने के मामले भी सामने आए हैं। कुल मिलाकर, विधानसभा में ड्रग्स के बढ़ते इस्तेमाल और इसके खिलाफ कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई।

Published on:
25 Feb 2026 05:18 pm
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