
BJP Protest Raipur: रायपुर में आज बुधवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय के घेराव के लिए निकले। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट के पास बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई। इस दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर हंगामा हुआ। विवाद के दौरान एक-दूसरे पर चप्पल, पानी की बोतलें और लकड़ी के टुकड़े फेंके गए। कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और यातायात भी प्रभावित हुआ।
भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने के लिए रैली के रूप में आगे बढ़ रहे थे। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट पर पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स के पास बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हो गए। इसी दौरान धक्का-मुक्की और नारेबाजी के बीच स्थिति बिगड़ गई।
नई दिल्ली में कांग्रेस ने मंगलवार को प्रधानमंत्री निवास का घेराव किया था। जिसके विरोध में भाजपा बुधवार को शंकर नगर स्थित राजीव भवन कांग्रेस मुख्यालय का घेराव करने निकली थी। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड्स तोड़कर भाजपा सदस्य आगे बढ़ रहे थे, तभी कांग्रेस के कार्यकर्ता सामने आ गए। दोनों ओर से टूटे लकड़ी, पानी के पाउच और चप्पल बरसने लगे थे। इसे देख सुरक्षा में खड़े पुलिस को वॉटर कैनन और आशु गैस के गोले भीड़ में चलाने पड़ें l प्रदर्शन प्रदेश अध्यक्ष किरण देव के नेतृत्व में हुआ। सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़ प्रदर्शन में शामिल हुई।
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और स्थिति को शांत कराया। सुरक्षा के मद्देनजर कांग्रेस मुख्यालय और आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। घटना के कारण शंकर नगर और आसपास के मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से वाहनों की आवाजाही कराई, जिससे धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई।
राजनीतिक प्रदर्शन के कारण मंगलवार को आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शंकर नगर टर्निंग प्वाइंट पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुटने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। लंबा जाम लगने से ऑफिस जाने वाले कर्मचारियों, मरीजों और आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूल बसें भी घंटों तक जाम में फंसी रहीं।
जाम का सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा के कामकाज पर पड़ा। नौकरीपेशा लोग, मरीज, बुजुर्ग और अन्य राहगीर लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहे। कई दोपहिया वाहन चालक वैकल्पिक मार्ग तलाशते नजर आए, जबकि चारपहिया वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई।