रायपुर

केबल कंपनी को लाखों की चूना लगाने वाले न्यूज चैनल के 11 डायरेक्टरों पर FIR

जेंटल इंटरटेनमेंट कंपनी के डायरेक्टर इंद्रपाल चावला की शिकायत पर राजेंद्रनगर पुलिस ने कंपनी के 11 शेयर होल्डरों पर एफआईआर दर्ज की है
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Mar 08, 2019
FIR for cheating in name of outsourcing in Civil defence
FIR for cheating in name of outsourcing in Civil defence

रायपुर. जेंटल इंटरटेनमेंट कंपनी के डायरेक्टर इंद्रपाल चावला की शिकायत पर राजेंद्रनगर पुलिस ने कंपनी के 11 शेयर होल्डरों पर एफआईआर दर्ज की है। पीडि़त ने शेयर होल्डरों पर करोड़ों की धोखाधड़ी और फर्म हड़पने की साजिश रचने की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अभियोजन अधिकारी से सलाह लेकर एफआईआर दर्ज की है। 30 अगस्त 2018 को आर्थिक गड़बड़ी की वजह से इनमें से पांच को जेल भेजा जा चुका था।

पांचों डायरेक्टरों ने वर्ष 2016 से अप्रैल 2018 तक कंपनी का संचालन करते हुए नौ करोड़ पचास लाख रुपए के सेटअप बॉक्स की खरीदी की थी जिसमें केबल कंपनी को 66 लाख रुपए का लाभ मिला था। लेकिन पांचों डायरेक्टरों ने मिलीभीगत कर अन्य शेयरधारक डायरेक्टरों को बिना जानकारी दिए कंपनी को घाटे में होना बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर दिखा दिया था। आरोप है कि इन्होंने केबल कंपनी के लाभांश के करोड़ों रुपए की अनियमितता कर रकम आपस में बांट ली थी।

इस संबंध में 3 मई 2018 को कंपनी के सभी डायरेक्टरों व शेयरधारकों की बैठक हुई। इस बैठक में मनोज उबवेजा, संतोष पांडेय, अजय तिवारी, विक्की उर्फ जयपाल सिंह गुलाटी, सुरेश निहाल ने स्वीकार किया कि 1 करोड़ 98 लाख रुपए की अनियमितता की गई थी। इस पर सभी को जेल हो गई थी। इसके बाद वापस आकर अन्य छह लोगों के साथ मिलकर 1 करोड़ 26 लाख की और चपत लगाई है।

कंपनी में शिकायतकर्ता इंद्रपाल चावला के अलावा राजेश खन्ना , गुरविंदर सिंग आनंद, नवीन शर्मा, आकाश दुबे, महेश गुप्ता एवं तरणजीत सिंह होरा कंपनी के संचालक थे। विगत वर्ष कंपनी के पूर्व संचालक रहे मनोज उबवेजा, संतोष पांडे, अजय तिवारी, विक्की गुलाटी उर्फ जयपाल सिंह एवं कंपनी के शेयर होल्डर सुरेश निहाल द्वारा की गई गड़बडिय़ों के कारण न्यू राजेंद्र नगर थाना में अब कुल 11 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

कंपनी पर कब्जा करने की साजिश
शिकायत के मुताबिक कुछ दिन पूर्व कंपनी के संचालक महेश गुप्ता हिसाब-किताब के दस्तावेज यह कहकर अपने साथ ले गए कि राजेश खन्ना, महेश गुप्ता, नवीन शर्मा, गुरविंदर सिंह आनंद एवं आकाश द्वारा कंपनी से आहरित राशि कंपनी के खाते में जमा कराना है। जबकि षड्यंत्रपूर्वक तरीके से गबन के बाद कंपनी पर कब्जे की योजना बना रहे थे। इसके बाद पुलिस में शिकायत की गई।

पांच डायरेक्टर ने दूसरों के साथ मिलकर की धोखाधड़ी
इंद्रपाल चावला द्वारा पुलिस में की गई शिकायत के अनुसार शुरुआत में कंपनी गठन के बाद महेश गुप्ता, राजेश खन्ना, नवीन शर्मा, गुरविंदर सिंह आनंद, आकाश दुबे, संतोष पाण्डेय, मनोज उबवेजा, सुरेश निहाल, अजय तिवारी, जयपाल सिंह उर्फ विक्की गुलाटी तथा संजय माखिजा को संचालन की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।

इन्होंने षड्यंत्रपूर्वक कंपनी के बाकी डायरेक्टरों और कर्मचारियों को धोखे में रखकर 53 लाख 13 हजार 700 रुपए निजी काम के लिए आहरण किया और वापस नहीं किया। इनका कृत्य धारा 409, 420,120बी, 34 के तहत न्यू राजेंद्र नगर थाने में अपराध दर्ज किया गया है। इन अरोपियों ने 6-6 माह का केबल फंड लिया, जिसे कंपनी में जमा कराने की बजाए व्यक्तिगत तौर पर खर्च कर दिया। जेल जाने के दौरान इनके कहने पर ही उनकी जमानत के लिए मदद की गई। जमानत से छूटने के बाद ये पांचों निलंबित संचालक और चार संचालक कंपनी को हड़पने की साजिश रच रहे थे।

Updated on:
08 Mar 2019 01:25 pm
Published on:
08 Mar 2019 01:25 pm