राजधानी के बैंक और बाजारों में इन दिनों 2000 रुपए के नोटों की भारी कमी बनी हुई है।
रायपुर . राजधानी के बैंक और बाजारों में इन दिनों 2000 रुपए के नोटों की भारी कमी बनी हुई है। कारोबारी संगठनों और व्यापारियों ने भी 2000 रुपए के नोटों की कमी बताई है। बीते एक महीने से बैंकों में2000 रुपए के नए नोटों को रि-इशु नहीं किया जा रहा है, वहीं बैंकों में जमा होने के बाद यह नोट वापस ग्राहकों को देना काफी कम कर दिया गया है।
बैंक अफसर कुछ भी बोलने से इंकार कर रहे हैं, वहीं अफसर बड़े नोटों की कमी से भी अनजान बने हुए हैं, जबकि बाजार में हालात यह है कि बड़े कारोबारी घरानों के पास भी 2000 रुपए के नोट की आवक-जावक 50 फीसदी कम हो चुकी है। जानकारी के मुताबिक रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने नोटबंदी के बाद 7 लाख रुपए से अधिक2000 रुपए के नोट जारी किए हैं।
सिर्फ बैंक शाखा नहीं बल्कि 2000 रुपए के नोट एटीएम से भी नहीं है। बड़े नोट नहीं होने की वजह से थोक कारोबारियों ने ज्यादा परेशानी जताई है, उनका कहना है छोटे नोटों में खतरे की आशंका ज्यादा रहती है।
बैंकों ने कहा- वापस नहीं लौट रहा
बैंक प्रबंधन का कहना है कि 2000 रुपए के नोट बैंकों में जमा नहीं हो रहे हैं। 2000 रुपए का नोट बड़ी तेज से डंप हो रहा है। अब इसका पता लगाना मुश्किल है कि यह किन लोगों द्वारा किया जा रहा है।
बैंकों और एटीएम में अचानक 200 रुपए के नोटों की बाढ़ आ चुकी है। बैंकों में इन दिनों 200 और 500 रुपए के नोट ही उपलब्ध है। 200 रु. के नोटों को जमा करने के लिए एटीएम व कैश डिपॉजिट मशीन में कैसेट्स नहीं होने से भी उपभोक्ता परेशान है।
एसबीआइ डीजीएम ब्रम्ह सिंह ने बताया कि 2000 रुपए के नोट पहले की तुलना में कम आ रहे हैं, लेकिन बाजार में कैश की किल्लत नहीं है। 500 और 200 रुपए के नोट भरपूर है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने कहा कि बाजार में 2000 रुपए के नोटों की काफी कमी है। उपभोक्ताओं ने भी परेशानी जताई है। शीघ्र ही बैंक अधिकारियों से मिलकर समस्याओं से अवगत कराया जाएगा।
अमर परवानी, उपाध्यक्ष, कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)