
नर्इ दिल्ली। देश के कर्इ बडे़ राज्यों में हुर्इ नकदी की कमी के बाद भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने लोगों को एक बड़ी राहत दी है। एसबीआइ ने गुरुवार को कहा कि वह उसकी पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) मशीनों के माध्यम से नकदी निकालने पर ग्राहकों से कोई शुल्क नहीं वसूलेगा। यह मशीनें कई व्यापारिक संस्थानों को दी गईं हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) के दिशा-निर्देशों के मुताबिक टीयर 1 और टीयर 2 शहरों में ग्राहक प्रतिदिन प्रति कार्ड 1,000 रुपये तथा टीयर 3 से लेकर टीयर 6 शहरों में प्रति कार्ड प्रति दिन 2,000 रुपये निकाल सकते हैं।
एसबीआइ के 78 फीसदी पीआेएस मशीनों पर ग्राहकों को मिलेगी सुविधा
बैंक ने एक बयान में कहा, "एसबीआइ की कुल 6.08 लाख पीओएस मशीनें हैं, जिसमें से 4.78 लाख पीओएस मशीनों से एसबीआई के ग्राहकों और उन बैंकों के ग्राहकों को नकदी निकालने की सुविधा दी गई है, जिन्होंने अपने ग्राहकों के लिए यह सुविधा शुरू कर रखी है।" इससे कुछ ही दिन पहले देश में नकदी की चल रही किल्लत के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 'प्रचलन में जरूरत से ज्यादा नकदी है' और सरकार ने नकदी की कमी के लिए कुछ क्षेत्रों में 'असामान्य मांग' को जिम्मेदार ठहराया था।इसके अलावा केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि उसने 500 रुपये के नोट की छपाई पांच गुना बढ़ाने का फैसला किया है।
बैंक के अधिकारी ने ट्वीट कर दी जानकारी
बैंक के उपप्रबंध निदेशक नीरज व्यास ने ट्वीट करके जानकारी दी की, ग्राहक अब टियर-3 से टियर-6 श्रेणी के शहरों में 2,000 रुपये तक निकाल सकेंगे. वहीं टियर-1 और टियर-2 श्रेणी के शहरों में 1,000 रुपये तक की निकासी पीओएस मशीन से कर सकते हैं. ग्राहक यह निकासी स्टेट बैंक या अन्य किसी बैंक के डेबिट कार्ड से हर दिन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें कोई शुल्क नहीं देना होगा.
कुछ राज्यों में आर्इ थी कैश क्रंच की खबर
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में देश के कुछ राज्यों में एटीएम मशीनों में नकदी उपलब्ध नहीं होने की रिपोर्ट आई हैं. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश और बिहार में एटीएम से नकदी नहीं मिलने के समाचार आने के बाद यह कदम उठाया गया है. इससे पहले दिन में स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था कि एटीएम में नकदी की समस्या का शुक्रवार तक समाधान हो जाएगा. जिन राज्यों में कमी है वहां नकदी भेजी जा रही है. यह एक अस्थायी स्थिति है.
Published on:
20 Apr 2018 08:46 am

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