रायपुर। हादसे के बाद एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराने पर मृत्यु की आशंका 50 फीसदी तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है।
रायपुर। सड़क हादसे में घायलों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के लिए 33 जिला कलेक्टरों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक में खाता खोला गया है। इसके जरिए सीधे खाते में रकम ट्रांसफर होगी। इसके लिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने देशभर के परिवहन और स्वास्थ्य मत्रियों के साथ पीएम राहत योजना की बैठक ली।
इस बैठक में परिवहन मंत्री केदार कश्यप और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित पीएम राहत योजना के तहत अब हादसे में घायलों को गोल्डन ऑवर में त्वरित और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है।
हादसे के बाद एक घंटे के भीतर यदि पीड़ित को अस्पताल में भर्ती कराने पर मृत्यु की आशंका 50 फीसदी तक कम हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह योजना प्रभावी रूप से लागू की गई है। इस योजना के तहत भारत में कहीं भी सड़क हादसा होने पर पीड़ित को तत्काल समीपस्थ आयुष्मान भारत (एबी-पीएम-जेएवाई) के तहत पंजीकृत अस्पतालों में उपचार होगा। इसके लिए पीड़ित और उनके परिजनों से किसी प्रकार का अग्रिम भुगतान नहीं लिया जाएगा। बता दें कि इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 1600 अस्पताल कनेक्ट किए गए। जहां आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पताल कनेक्ट है।
उपचार एवं पंजीकरण
पीएम राहत योजना के तहत अस्पताल द्वारा पीड़ित की पहचान सत्यापित कर 24 घंटे के भीतर उसे ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) 2.0 पोर्टल पर पंजीकृत किया जाता है। वहीं हादसे के बाद अधिकतम 7 दिन तक ट्रॉमा/पॉलीट्रॉमा पैकेज के तहत 1.50 लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है।
इसकी सूचना अस्पताल द्वारा 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को सूचना देने के साथ ही हादसे का ब्यौरा इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ईडीएआर) प्रणाली में दर्ज किया जाता है। अस्पताल द्वारा दावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के पोर्टल पर पेश करने पर स्वीकृत राशि का भुगतान मोटर वाहन दुर्घटना कोष (एमवीएएफ) किया जाता है। बैठक में प्रमुख रूप से परिवहन सचिव एस प्रकाश उपस्थित थे।