रायपुर

CEC ओपी रावत ने कहा – चुनाव के दौरान न हो गड़बड़ी इसलिए संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट प्रोटोकॉल से वोटिंग पर रखेंगे नजर

दो दिन के दौरे पर रायपुर पहुंचे भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने दूसरे दिन शनिवार को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जानकारी दी।

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Sep 01, 2018
Election Commission News
ओपी रावत ने कहा - चुनाव के दौरान न हो गड़बड़ी इसलिए संवेदनशील इलाकों में इंटरनेट प्रोटोकॉल से वोटिंग पर रखेंगे नजर

रायपुर. दो दिन के दौरे पर रायपुर पहुंचे भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने दूसरे दिन शनिवार को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। मीडिया से बातचीत के दौरान ओपी रावत ने कहा कि विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में चल रही तैयारियों से निर्वाचन आयोग संतुष्ट है।

उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव शांतिपूर्व सम्पन्न हो इसलिए सोशल मीडिया पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसकी निगरानी के लिए स्पेशल कमेटी का गठन किया गया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी गड़बड़ी न हो इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों में इंटरनेट प्रोटोकॉल के माध्यम से मतदान पर कड़ी नजऱ रखी जाएगी।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि प्रदेश के विभिन्न राजनीतिक दलों के शराब वितरण पर रोक लगाने की मांग को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है। इस दौरान उन्होंने विधानसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट का इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों व अन्य के बीच ईवीएम और वीवीपैट को लेकर फैले भ्रम को दूर करने के लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। इस मौके पर निर्वाचन आयुक्त सुनील अरोरा एवं आयुक्त निर्वाचन अशोक लवासा मौजूद थे।

इससे पहले शुक्रवार को भारत निर्वाचन आयोग ने राजधानी में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत की अगुवाई में आयोग के सदस्यों ने राजनीतिक दलों की आपत्तियां, शिकायतें और सुझाव सुने। कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव कराने वाले राज्य सरकार के अफसरों की निष्ठा पर सवाल खड़े किए हैं।

कांग्रेस ने कहा, 15 वर्ष से भाजपा की सरकार रहने से अधिकारी-कर्मचारियों की निष्ठा आरएसएस के प्रति हो गई है। कई अधिकारी-कर्मचारी आरएसएस के सदस्य हैं। उनसे निष्पक्षता की उम्मीद नहीं की जा सकती। कांग्रेस ने सभी अधिकारियों से आरएसएस अथवा किसी राजनीतिक सहयोगी संस्था से जुड़ाव नहीं होने का शपथपत्र भरवाने का सुझाव दिया। कांग्रेस शपथपत्र में लगत सूचना देने वाले अफसरों पर कार्रवाई की भी मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने सुकमा कलक्टर जयप्रकाश मौर्य का तबादला करने की मांग की। आरोप लगाया कि कलक्टर तेन्दूपत्ता तिहार, विभिन्न यात्राओं में सरपंच, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी, छात्रावास अधीक्षक, आंगनबाड़ी, मितानिन पर भीड़ बढ़ाने के लिये दबाव डालते हैं। कांग्रेस का कहना था, भाजपा के प्रति उनकी निष्ठा निश्पक्ष चुनाव में बाधक है।

Published on:
01 Sept 2018 02:09 pm