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मां से मिलने जा रहे 2 मासूम भाइयों की घर से 3 किमी दूर नदी में मिली लाश, देखकर मां-बाप का दहल गया दिल

आंगनबाड़ी से घर लौटे तो मां नहीं थी घर में, मां से मिलने नदी के उस पार जाते समय अचानक आई बाढ़ में बहे, गांव में पसरा मातम
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बलरामपुर

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Ram Prawesh Vishwakarma

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Updated: 1 Sep 2018, 1:57 PM IST

Crying women

Crying women

कुसमी. बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम बेनीपुर में आंगनबाड़ी से लौटे २ मासूम भाई गुरुवार को गांव से लगी नदी में अचानक आई बाढ़ में बह गए। शुक्रवार को घटनास्थल से करीब ३ किलोमीटर दूर उनका शव मिला। इस घटना से गांव में शोक का माहौल है। मां को घर में नहीं देखकर दोनों भाई नदी के दूसरी ओर उससे मिलने जा रहे थे। इसी दौरान वे हादसे का शिकार हो गए।


बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी थानांतर्गत जिगनिया पंचायत के ग्राम बेनीपुर निवासी 32 वर्षीय सतेंद्र पैकरा गुरुवार को कुसमी से लगे ग्राम सेमरा के जंगल मे वन विभाग द्वारा कराए जा रहे पौधरोपण के कार्य में मजदूरी करने गया था। उसके बच्चे 5 वर्षीय तरुण पैकरा व 2 वर्षीय सुकेश्वर पैकरा गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में पढऩे गए थे।

इधर बच्चों की मां पुष्टि बाई अपनी सास को बच्चों के आंगबाड़ी से लौटने पर देखने की बात कहकर गांव से लगी पोड़ी नदी के उस पार अपने मवेशियो को चराने गई हुई थी। इधर दोनों बच्चे आंगनबाड़ी से छुट्टी होने पर वापस घर लौटे तो अपनी मां को घर में नहीं देखा। इस पर वे अपनी मां के पास जाने नदी को पार करने पहुंच गए।

उन्हें नदी की तरफ आते देख वहां मवेशी चरा रहे गांव के ही रामा उर्फ रामनाथ ने बच्चों को वापस घर की तरफ भेज दिया। लेकिन बच्चे फिर मौका पाकर नदी पार करने लगे, वहां बारिश नहीं हो रही थी और नदी में पानी काफी कम था। लेकिन ऊपर के गांव व नदी के उद्गम स्थल चुटईपाठ समेत आसपास के जंगल में जमकर बारिश हुई थी,

जिस कारण नदी में अचानक बाढ़ आ गई और बच्चे बाढ़ के पानी मे बह गए। बच्चों की मां भी नदी के उस पार कुछ दूर पर थी, लेकिन वह बच्चों को नहीं देख पाई। कुछ देर बाद पुष्टि बाई वापस घर लौटी तो बच्चों को घर में नही देखकर अपनी सास से पूछा। सास बोली आंगबाड़ी के आसपास खेल रहे होंगे।


नहीं मिले बच्चे तो हुई अनहोनी की आशंका
ढूंढने के बाद भी जब बच्चे नहीं मिले तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। शाम को काम करके उसके पिता सतेंद्र भी घर पहुंचा और इस मामले की जानकारी मिलने पर खोजने निकल गया। तब रामनाथ ने सतेंद्र को बताया कि मैंने नदी के समीप आए तुम्हारे बच्चों को वापस भेज दिया था। तब सभी को बच्चों के बह जाने की आशंका हो गई, लेकिन शाम होने की वजह से उनका कुछ पता नहीं चल सका।


दूसरे दिन नदी किनारे मिली लाश
शुक्रवार की सुबह परिजन व बड़ी संख्या में ग्रामीण नदी के किनारे बच्चों को ढूंढने लगे, इस दौरान घटना स्थल से करीब 3 किमी आगे ग्राम लेफुवाटोली में स्टाप डेम के समीप दोनों का शव बरामद हुआ।

घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पीएम के लिए अस्पताल भेजा। एक साथ दो मासूम भाई की मौत से परिजन सदमे में हैं। वहीं गांव में भी शोक का माहौल है।