रायपुर

धान छोड़ दूसरी फसल उगाने पर मिलेगा 15 हजार रुपये! छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खबर, जानें नियम

Chhattisgarh Farmers News: छत्तीसगढ़ में धान के बदले दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। निर्धारित दूसरी फसलें उगाने पर किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान देने का प्रावधान है।
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Updated: 29 Oct 2026, 10:32 AM IST
Dhan Kharidi
Dhan Kharidi: धान छोड़ दूसरी फसल उगाने पर मिलेगा 15 हजार रुपये!(photo-patrika)

CG Farmers News 2026: छत्तीसगढ़ में किसानों की आमदनी बढ़ाने और धान की खेती पर निर्भरता कम करने के लिए फसल विविधीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत किसानों को धान के बदले दलहन, तिलहन और कोदो-कुटकी व रागी जैसी मिलेट्स फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। निर्धारित दूसरी फसलें उगाने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान देने का प्रावधान है। इसके साथ ही खेती को बाजार की मांग से जोड़ने और किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

Chhattisgarh Agriculture News: फसल विविधीकरण की धीमी रफ्तार पर अधिकारियों को निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बुधवार को रायपुर संभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने फसल विविधीकरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और अभियान को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेती को बाजार की जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए अधिकारियों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने और फसल विविधीकरण को प्राथमिकता देने को कहा गया।

हर जिले में विकसित होंगे दो से तीन कृषि मॉडल

बैठक में प्रत्येक जिले में दो से तीन विशिष्ट कृषि मॉडल विकसित करने पर जोर दिया गया। इन मॉडलों का चयन स्थानीय मिट्टी, जलवायु, उपलब्ध संसाधनों और बाजार की मांग को ध्यान में रखकर किया जाएगा। इसका उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना है, जिनकी बाजार में मांग हो और जिनसे उनकी आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सके।

दलहन, तिलहन और मिलेट्स की खेती को मिलेगा बढ़ावा

प्रदेश में धान के अलावा दूसरी फसलों की खेती बढ़ाने की योजना है। इसके तहत दलहन, तिलहन और कोदो-कुटकी व रागी जैसी मिलेट्स फसलों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। निर्धारित फसलों की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान देने का प्रावधान बताया गया है। हालांकि, इस सहायता का लाभ किन किसानों और किन शर्तों के तहत मिलेगा, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।

खेती से लेकर बाजार तक किसानों की मदद पर जोर

किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित सहायता देने के बजाय पूरी प्रक्रिया में सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके तहत फसल चयन, उत्पादन और विपणन से जुड़े पहलुओं पर काम किया जाएगा। स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसलों का चयन करने से किसानों को बाजार की जरूरतों के मुताबिक खेती करने में मदद मिल सकती है।

15 नवंबर से धान खरीदी की तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में आगामी 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। कृषि उत्पादन आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी जरूरी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग, सहकारिता विभाग और मार्कफेड को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया, ताकि खरीदी के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

खाद वितरण की निगरानी के लिए साथी पोर्टल का उपयोग

खाद की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर नजर रखने के लिए साथी पोर्टल का उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए। इसके माध्यम से खाद की स्थिति की निगरानी और वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही, चक्रवात अर्णब के संभावित प्रभावों को देखते हुए अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

किसानों के लिए क्या है अहम?

फसल विविधीकरण के तहत धान के बदले निर्धारित दूसरी फसलें उगाने पर प्रति एकड़ 15 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, खेती बदलने से पहले किसानों को संबंधित विभाग से पात्रता, स्वीकृत फसलों और अनुदान की शर्तों की जानकारी लेनी चाहिए।

Updated on:
29 Oct 2026, 10:32 AM IST
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