
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) में मुंबई की तर्ज पर फिल्म सिटी का निर्माण किया जाना है। फिल्म सिटी के लिए माना-तूता के 100 एकड़ के जंगल में पेड़ों की कटाई शुरू हो चुकी है। मानव निर्मित जंगल को काटने के विरोध में ग्रामीणों ने चिपको आंदोलन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि नवा रायपुर में सैकड़ों एकड़ जमीन खाली है। आखिरकार माना-तूता के जंगल को काटकर ही फिल्म सिटी बनाने की योजना क्यों?
माना-तूता जंगल बचाओ समिति के समन्वयक गोपाल वाजपेयी ने सवाल किया कि जंगल और पेड़ों को काटकर ही फिल्म सिटी क्यों बनानी है। फिल्म सिटी को कहीं और शिफ्ट किया जाना चाहिए। मुंबई की कंपनी पेड़ों पर आरी चला रही है। प्रशासन ने जो पेड़ लगाएं उसमें 90 फीसदी जीवित नहीं बचे हैं।
छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक सौमिल रंजन चौबे ने कहा कि एक पेड़ के बदले 10 पेड़ लगाएंगे। 2 अक्टूबर को 1100 पौधरोपण किया गया था। फिल्म सिटी निर्माण के दौरान भी पर्यावरण प्राथमिकता में होगी। माना-तूता में पेड़ों की कटाई के संबंध में पहले ही ग्रामीणों और समितियों से चर्चा हो चुकी है। अब अनावश्यक विरोध हो रहा है।
Updated on:
29 Oct 2026, 2:11 AM IST
Published on:
29 Oct 2026, 2:11 AM IST
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