
रायपुर . राज्य सरकार का नॉन परफार्मेंस अभियान के तहत शुक्रवार को शासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तीन एक्जीक्यूटिव इंजीनियर (ईई) विल्सन कुजूर, पीके बनर्जी और वीके सिंह वेदिया को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी। ये तीनों अफसर 20 साल की सेवा पूरी कर चुके थे। पिछले कुछ सालों से उनका परफार्मेंस भी ठीक नहीं बताया गया है। साथ ही उन पर सेवा के दौरान कई आरोप लगे थे।
शासन ने हाल ही में रिटायरमेंट को लेकर नए नियम बनाए हैं, जिसमें शासकीय अधिकारियों के लिए 20 साल की सेवा अवधि या परफारर्मेंस रिकार्ड को देखकर जबरदस्ती सेवानिवृत्ति का प्रावधान किया गया है। ईई विसलन पत्थलगांव डिवीजन में पदस्थ थे। ईई पीके बनर्जी बिलासपुर में और मुंगेली में वीके सिंह सेवारत थे।
क्या है ये रिटायरमेंट के नए नियम
सरकार ने केंद्र सरकार की तर्ज पर राज्य सेवा के अधिकारियों-कर्मचारियों की सेवा समीक्षा करने का फैसला किया है। खराब प्रदर्शन वालों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी। राज्य सरकार के फैसले के मुताबिक 20 वर्ष की सेवा अथवा 50 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके ऐसे अफसर-कर्मचारी जिनकी ईमानदारी संदिग्ध है, उनके सेवाकाल की समीक्षा की जाएगी। अगर शारीरिक क्षमता में कमी और अभिलेखों का मूल्यांकन अच्छा से कम आता है तो उनको सेवानिवृत्त कर दिया जाएगा। इसके लिए छानबीन समिति बनेगी।
विभागाध्यक्षों के मामले में मुख्य सचिव अथवा उनके नामित अपर मुख्य सचिव होंगे। अराजपत्रित अधिकारियों के लिए विभागाध्यक्ष समिति के मुखिया होंगे और संभाग स्तर पर संभाग आयुक्त और जिला स्तर पर कलक्टर की अध्यक्षता में यह समितियां काम करेंगी।