रायपुर

CG Liquor Scam: ED की स्पेशल कोर्ट में पेश हुए कवासी लखमा, जेल में तबीयत खराब होने का दावा, बोले- बीमारी से जूझ रहा हूं

CG Liquor Scam: रायपुर में शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।

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Dec 17, 2025
CG Liquor Scam: ED की स्पेशल कोर्ट में पेश हुए कवासी लखमा, जेल में तबीयत खराब होने का दावा, बोले- बीमारी से जूझ रहा हूं(photo-patrika)

CG Liquor Scam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद छत्तीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के दौरान लखमा ने मीडिया से बातचीत में अपनी सेहत को लेकर चिंता जताई और कहा कि जेल में उन्हें अच्छा नहीं लगता और उनकी तबीयत भी ठीक नहीं है।

कवासी लखमा ने बताया कि जनवरी में जेल जाने के बाद यह पहला मौका है जब वे बाहर आए हैं। उन्होंने कहा कि वे हृदय रोग, शुगर और आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं। लखमा ने यह भी कहा कि कई बार आग्रह करने के बाद आज उन्हें कोर्ट में पेशी के लिए बाहर लाया गया।

CG Liquor Scam: विधानसभा कार्यवाही में शामिल न हो पाने पर जताया अफसोस

विधानसभा की कार्यवाही में शामिल न हो पाने के सवाल पर लखमा ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में राज्यपाल और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि राजकुमार कॉलेज में आयोजित विधानसभा के पहले सत्र में वे शामिल हुए थे, लेकिन पुराने विधानसभा भवन में हुए सत्रों में शामिल नहीं हो पाने का उन्हें अफसोस है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर से जुड़े मुद्दों को सदन में नहीं उठा पाने का उन्हें दुख है।

जनवरी में हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने शराब घोटाला मामले में कवासी लखमा को 15 जनवरी को गिरफ्तार किया था। तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं। हाल ही में ईडी ने इस मामले में उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है। इसी सिलसिले में शुक्रवार को उन्हें स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।

हर महीने दो करोड़ रुपये कमीशन का आरोप

शराब घोटाले की जांच ईडी के साथ-साथ आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) भी कर रही है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में आबकारी मंत्री रहे कवासी लखमा ने शराब माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में ढील दी। आरोप यह भी है कि इस कथित सिंडिकेट से उन्हें हर महीने करीब दो करोड़ रुपये का कमीशन मिलता था।

Published on:
17 Dec 2025 06:07 pm
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