रायपुर

Nagar Nigam: गंदगी फैलाने वालों की अब खैर नहीं, रायपुर निगम ने शुरू की ई-चालानी कार्रवाई, जानें नहीें तो..

Nagar Nigam: रायपुर में नगर निगम में पहली बार ई-चालानी शुरू की गई है। शुक्रवार को जोन 8 ने इसी माध्यम से 7100 रुपए जुर्माना गंदगी फैलाने और निर्माण मटेरियल फैलाने पर किया है।

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Nov 30, 2024

Raipur Nagar Nigam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में नगर निगम में पहली बार ई-चालानी शुरू की गई है। शुक्रवार को जोन 8 ने इसी माध्यम से 7100 रुपए जुर्माना गंदगी फैलाने और निर्माण मटेरियल फैलाने पर किया है। निगम आयुक्त अबिनाश मिश्रा ने यह साफ कर दिया है कि जुर्माना की राशि नकदी लेने के बजाय से सीधे पॉस मशीन जुर्माना की राशि जमा कराएं। नगर निगम के नियमों का उल्लंघन करने वालों को अब ई- चालानी के दायरे में लाया गया है।

Nagar Nigam: पॉस मशीन से वसूला जाएगा जुर्माना

जोन 8 से ई-चालान सिस्टम से 6 चालानी कार्रवाई की गई, जिसमें से 2 गंदगी फ़ैलाने वालों से एवं 4 भवन निर्माण सामग्री रखने वालों से कुल 16 हजार 100 रुपए जुर्माने की राशि वसूली गई। बता दें कि निगम के अमले द्वारा अवैध वसूली की भी शिकायतें थी, परंतु अब ई-चालानी सिस्टम से रोक लगेगी। इससे निगम के खाते में पूरा राजस्व जाएगी।

ई-चालान सिस्टम की शुरुआत सबसे पहले निगम के जोन 8 से हुई है। यह ई-चालानी कार्रवाई दुकानदारों, होटल, रेस्टोरेंट, बाजारों में गंदगी फैलाने वाले, कचरा को एकत्रित न कर इधर-उधर फेंकने वालों, गीला-सूखा कचरा अलग-अलग नहीं देने वालों, खाली भूखंडों में कचरा फेंकने और उसे जलाने वालों, खुले स्थान पर शौच और पेशाब करने वालों पर की जाएगी।

सी एंड डी प्लांट में भेजने की है व्यवस्था

तोड़फोड़ से निकलने वाला कंस्ट्रक्शन वेस्ट निगम के सी एंड डी प्लांट जरवाय में भेजना अनिवार्य है, लेकिन लोग इधर-इधर फेंक देते हैं। इस पर सख्ती से रोक लगाना है। निगम के नियमों का उल्लंघन करने वालों तथा ग्रीननेट नहीं लगाने वालों से जुर्माना वसूला जाएगा।

अधिकारी-कर्मचारी को कराना पड़ेगा पंजीयन

इसके लिए निगम के अधिकारी और कर्मचारियों को ई-चालान सिस्टम के लिए मोबाइल एप्लीकेशन में खुद का रजिस्ट्रेशन करना होगा। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर फोटो लेकर स्थल का जियो टैगिंग करते हुए ई-चालान की कार्रवाई करेंगे। इसके साथ ही जुर्माना राशि का आंकलन सॉफ्टवेयर के माध्यम से किया जाएगा।

इस दौरान मौके पर पॉस मशीन से कैश अथवा यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन चालान का भुगतान करेंगे। यदि भुगतान मौके पर नहीं किया जाता है तो संबंधित संपत्ति के आईडी पर बकाया के रूप में चालान की राशि ऑनलाइन एसएमएस और ईमेल के माध्यम से भेजी जाएगी। चैट बॉट के माध्यम से भी बकाया की जानकारी संपत्ति मालिक तक भेजी जाएगी।

Updated on:
30 Nov 2024 01:04 pm
Published on:
30 Nov 2024 12:35 pm
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