CG News: छत्तीसगढ़ सरकार ने 5 साल में 5 हजार स्टार्टअप को बूस्ट करने 100 करोड़ का ऐलान किया है। इसके लिए क्लाउड फर्स्ट नीति लागू की जाएगी।
CG News: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई कैबिनक की बैठक में छत्तीसगढ़ के विकास को गति देने के लिए 9 महत्वपूर्ण फैसले हुए। ( CG News ) इसमें प्रदेश में स्टार्ट अप ईको सिस्टम और इन्क्यूबेटर्स के विकास के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 के साथ छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति पर मुहर लगी। स्टार्टअप नीति से पांच साल में 5 हजार स्टार्टअप को बूस्टर मिलेगा।
उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि इसके 100 करोड़ रुपए का फंड रखा गया है। बता दें कि पत्रिका ने 8 दिसम्बर 2025 को स्टार्टअप उछाल के बीच शटडाउन शीर्षक के साथ प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। उद्योग मंत्री ने बताया, नई नीति में 100 करोड़ के छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड, 50 करोड़ के क्रेडिट रिस्क फंड, सीड फंड सहायता (10 लाख तक) सहित कई महत्वपूर्ण प्रोत्साहनों को शामिल किया गया। राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल के अंतर्गत इनक्यूबेशन इकोसिस्टम को सुदृढ़ किया जाएगा।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया कि कैबिने अ मादक पदार्थाें की रोकथाम के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन के लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में प्रावधानित 100 नवीन पदों को मंजूरी दी गई है। इसमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव एवं कोरबा जिला शामिल हैं।
प्रदेश में नशाखोरी की समस्या बदनुमा दाग बनती जा रही है। अन्य राज्यों के तस्कर भी छत्तीसगढ़ के शहरों का इस्तेमाल सूखे नशे की तस्करी के लिए कर रहे हैं। महासमुंद जिला तस्करी के लिए कॉरिडोर बन गया है। यहां बनाई गई पुलिस चौकियां सिर्फ दिखावे के लिए रह गई हैं।
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को मंजूरी दी है। अब राज्य शासन के सभी विभाग केवल भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा अनुमोदित क्लाउड सेवा प्रदाताओं या भारत में स्थित सुरक्षित डेटा सेंटर एवं डिजास्टर रिकवरी सेंटर से ही क्लाउड सेवाएं लेंगी। अब सभी नए एप्लिकेशन क्लाउड-नेटिव तकनीक पर विकसित किए जाएंगे। इस नीति से आईटी ढांचे में लागत में कमी, संचालन में दक्षता, बेहतर साइबर सुरक्षा, आपदा के समय सेवाओं की निरंतरता तथा नागरिक सेवाओं की 24x7 उपलब्धता होगी। साथ ही नागरिकों के डेटा की सुरक्षा, पारदर्शिता और ट्रैकिंग व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।