CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है।
CG Police Transfer: छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय वन सेवा (IFS) के अधिकारियों के दायित्वों में बदलाव किया है। मंत्रालय से जारी आदेश के अनुसार पांच वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे विभागीय कार्यों में बेहतर समन्वय और प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
जारी आदेश के तहत वरिष्ठ IFS अधिकारी अभिषेक कुमार सिंह को प्रशासनिक दृष्टिकोण से अस्थायी रूप से अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्हें प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के साथ-साथ अचानकमर टाइगर रिजर्व, बिलासपुर के क्षेत्र संचालक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अतिरिक्त उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड, बिलासपुर में क्षेत्रीय महाप्रबंधक का दायित्व भी दिया गया है।
वहीं IFS अधिकारी प्रियंका पांडेय को भी अस्थायी रूप से प्रभारी मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एवं अचानकमर टाइगर रिजर्व, बिलासपुर के क्षेत्र संचालक का दायित्व सौंपा गया है। यह नियुक्ति विभाग में कार्यों के सुचारू संचालन और बेहतर प्रबंधन के उद्देश्य से की गई है।
वन विभाग द्वारा किए गए इस प्रशासनिक फेरबदल को विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अधिकारियों को उनके अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर नई जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे वन संरक्षण, वन्यजीव प्रबंधन और संबंधित योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
अचानकमर टाइगर रिजर्व जैसे महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्र में अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। जैव विविधता से समृद्ध इस क्षेत्र में बाघ सहित कई दुर्लभ प्रजातियों का निवास है, ऐसे में प्रभावी नेतृत्व और बेहतर प्रबंधन बेहद आवश्यक है। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से संरक्षण कार्यों को और सशक्त बनाने तथा पारिस्थितिकी संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने की अपेक्षा की जा रही है।
इस फेरबदल से विभागीय कार्यों में गति आने के साथ-साथ योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की संभावना बढ़ेगी। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाकर वन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को और प्रभावी बनाना है।