
रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी होते ही पार्टी में बगावत के सुर उठने लगे हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा द्वारा पाटन विधानसभा से मोतीलाल साहू को मैदान में उतारे जाने पर पाटन के कार्यकर्ताओं ने बगावती रुख अख्तियार कर लिया है, जो भाजपा के लिए मुसीबत का सबब बन सकता है।
भाजपा द्वारा पाटन से मोतीलाल साहू को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की।
रविवार को भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर के बाहर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता इकट्ठा हो गए और पाटन से भाजपा के प्रत्याशी मोतीलाल साहू की जगह विजय बघेल को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने भाजपा शीर्ष पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के साथ साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पाटन से कमजोर उम्मीदवार उतारकर बघेल को जीताना चाहती है।
इस दौरान कार्यकर्ताओं ने भाजपा आलाकमान को चेतावनी भी दी कि यदि पाटन से उम्मीदवार नहीं बदला गया तो सभी कार्यकर्ता एकसाथ पार्टी से इस्तीफा देंगे और विधानसभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार से भी दूरी बना लेंगे। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाटन में उन्हें पैराशूट लैंडिंग प्रत्याशी नहीं चाहिए, जिसे न देखा न परखा उसे उम्मीदवार बनाए जाने से पाटन के कार्यकर्ता आहत हैं। कार्यकर्ताओं ने पार्टी से पाटन से विजय बघेल को उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की।
विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की पहली सूची शनिवार को जारी की। इस सूची में सरगुजा से बस्तर तक की 78 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम हैं। इनमें 53 संपन्न किसानों के नाम हैं। इस सूची में महिला एवं बाल विकास मंत्री रमशीला साहू समेत 13 विधायकों की टिकट काट दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह को राजनांदगांव से प्रत्याशी बनाया गया है। वहीं कांकेर सांसद विक्रम उसेंडी को अंतागढ़ से टिकट मिला।