सबसे बड़ा सवाल आखिर 10 हजार सिक्कों को कौन गिनेगा
रायपुर. छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में बने रहने के लिए प्रत्याशी अजीबो-गरीब हरकतें करते हैं। छत्तीसगढ़ के सियासी संग्राम में को ऐसा ही मामला सामने आया, जब एक व्यक्ति 10 हजार रुपए के सिक्के लेकर चुनाव फॉर्म लेने पहुंच गया। कवर्धा विधानसभा सीट से सुनील साहू नामक व्यक्ति निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लडऩा चाहता है।
इसके लिए सुनील 10 हजार रुपए के सिक्के लेकर नामांकन फॉर्म खरीदने पहुंच गया। 1,2,5 और 10 रुपए के सिक्कों का अंबार देख कलेक्ट्रेट कर्मचारी हक्के-बक्के रह गए। फिर क्या था कलेक्ट्रेट में पहली बार ऐसा माहौल देखने के लिए लोगा का हुजूम उमड़ पड़ा। जानिए फिर क्या हुआ..
सबसे बड़ा सवाल गिनेगा कौन
नामांकन के पहले दिन ही कलेक्ट्रेट में गहमागहमी और चर्चा का माहौल था। सुनील साहू निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में फार्म खरीदने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे, क्योंकि वह थैले में 10 हजार रुपए सिक्के के रूप में लाया था। पहले तो कर्मचारी हक्का बक्का रह गए, क्योंकि सुनील 10 हजार रुपए सिक्के के रूप में लेकर पहुंचे थे। वह सामान्य वर्ग से कवर्धा विधानसभा में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन फार्म खरीदने के लिए पहुंचा था।
कर्मचारी काफी देर तक ना-नुकुर कर रहे थे क्योंकि सबसे बड़ी समस्या थी इन सिक्कों को गिनेगा कौन। इसके चलते सुनील को फार्म नहीं दिया जा रहा था। अधिकारी आ रहे हैं, सामने गिनकर दिखाओ जैसे बहस होते रहे। काफी गहमा-गहमा हो गई और भीड़ बढ़ गई तो सहायक रिटर्निंग ऑफिसर पहुंचे।
एक घंटा लगा सिक्का गिनने में
निर्वाचन के कर्मचारियों को स्वयं सिक्के गिनने के निर्देश दिए। इसके बाद सिक्कों को गिनना शुरु किया गया। पांच कर्मचारी सिक्के गिनने में लगे थे। सिक्कों को गिनने में करीब एक घंटे का समय लगा, क्योंकि इसमें 1, 2, 5 और 10 रुपए के सिक्के थे। सिक्कों को अलग-अलग पॉलीथिन में गिनकर रखा गया था। सिक्कों की संख्या व रुपए एक पर्ची भी लिखकर भी रखा गया था। आखिरकार गिनती के बाद सुनील को नामांकन फार्म मिला।