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बेरोजगार स्नातक व डिप्लोमा इंजीनियरों के पंजीयन सहित ये 8 सेवाएं अब लोक सेवा गारंटी के दायरे में, छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला

Chhattisgarh Farmers: जल संसाधन विभाग की 8 सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के दायरे में शामिल किया गया है। इसके तहत अब तय समय सीमा के अंदर ही काम पूरे हो जाएंगे। लापरवाही पर जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी..

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साय सरकार का बड़ा फैसला (photo source- Patrika)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने जल संसाधन विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण सेवाओं को अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के दायरे में शामिल कर दिया है। राज्य सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, बेरोजगार स्नातक एवं डिप्लोमा इंजीनियरों के ठेकेदार पंजीयन, ठेकेदारों की जमानत राशि वापसी, जल उपयोग की अनुमति तथा कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र जारी करने जैसी सेवाओं के लिए निश्चित समय-सीमा तय कर दी गई है। ( Chhattisgarh goverment ) इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि किसानों को तय समय में सिंचाई सुविधा का लाभ मिल सकेगा। यदि तय समय में प्रकरण का निराकरण नहीं हुआ तो विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

Chhattigarh Farmers: नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार

नई व्यवस्था के अनुसार नहर के अंतिम छोर तक सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। किसान के आवेदन देने के बाद विभागीय अधिकारी यह देखेंगे कि आवेदन में कोई कमी या आपत्ति तो नहीं है। यदि ऐसा होता है, तो आवेदक को इसकी सूचना 7 दिन के भीतर देनी होगी। इस कमी को पूरा करने के बाद आवेदन मंजूर किया जाएगा। इसके बाद 7 कार्य दिवस के भीतर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

बेरोजगार स्नातक व डिप्लोमा इंजीनियरों का पंजीयन 30 दिन में

Chhattisgarh News: लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में बेरोजगार स्नातक व डिप्लोमा इंजीनियरों के ठेकेदार के रूप में पंजीयन को भी शामिल किया गया है। इसमें भी आवेदन मिलने के बाद यदि आवेदन में कोई कमी है, तो विभागीय अधिकारी 7 कार्य दिवस में इसकी जानकारी देंगे। आवेदन की कमी पूरी होने की दिशा में 30 दिन के भीतर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं ठेकेदारों की पंजीयन जमानत राशि लौटाने के लिए 45 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है। निर्माण कार्य के पूर्ण होने पर ठेकेदार को कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र 60 कार्य दिवस के भीतर जारी करना होगा।

300 कार्य दिवस में देनी होगी पानी के उपयोग की अनुमति

वहीं नदियों, सार्वजनिक जलाशयों और प्राकृतिक स्रोतों से पानी उपयोग की अनुमति देने की प्रक्रिया अधिकतम 300 कार्य दिवस में पूरी करनी होगी। (Chhattisgarh farmers) यदि पानी उपलब्ध नहीं है तो उसका प्रमाण पत्र 90 कार्य दिवस के भीतर जारी करना होगा।

यह होगा फायदा

  • जल संसाधन विभाग की सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी।
  • किसानों को सिंचाई संबंधी मामलों में तय समय में समाधान मिलेगा।
  • बेरोजगार इंजीनियरों के ठेकेदार पंजीयन की प्रक्रिया तेज होगी।
  • ठेकेदारों की जमानत राशि लौटाने में अनावश्यक देरी कम होगी।
  • जल उपयोग अनुमति और प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया जवाबदेह बनेगी।
  • समय-सीमा का पालन नहीं होने पर नागरिकों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अपील का अधिकार मिलेगा।