सिहावा क्षेत्र में नक्सलियों की आहट, मटियाबाहरा के जंगल में हुआ मुठभेड़
रायपुर/धमतरी. जिले के मटियाबाहरा के जंगल में मंगलवार को अलसुबह ही पुलिस और माओवादियों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। करीब 15 मिनट तक दोनों ओर से गोलियां चलती रही, इस बीच पुलिस को भारी पड़ता देख माओवादी जंगल में भाग निकले।
उल्लखेनीय है कि बस्तर में पहले चरण के चुनाव के लिए हजारों की संख्या में सीआरपीएफ, सीएएफ के सशस्त्र जवानों की जंगल में धमक बढ़ते ही माओवादियों में अफरा-तफरी मच गई है। सुरक्षित ठिकाने की तलाश में अब माओवादी आसपास के सुरक्षित इलाके में पहुंच रहे हैं।
इस बीच सोमवार को पुलिस को खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली थी कि नगरी ब्लाक मुख्यालय से करीब 25 किमी दूर मटियाबाहरा (फरसिया) के जंगल में उनकी आवाजाही देखी गई है। इसके बाद तत्काल जिला पुलिस मुख्यालय हरकत में आ गई और एसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस की एसओजी दुगली, बोराई, ई-30 सिहावा, छसबल नगरी की कुल 71 जवानों की टीम सर्चिंग में निकल पड़ी।
भैंसामुड़ा के आगे मटियाबाहरा के जंगल में रात में एसओजी की टीम सर्चिंग कर रही थी, कि तभी अलसुबह करीब 5 बजे वहां कैम्प कर छुपे माओवादियों के संतरी की नजर पुलिस पर पड़ गई। फिर क्या था, माओवादियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
एसपी पहुंचे नगरी
इधर, सुबह जैसे ही मुठभेड़ की सूचना मिली, तो तत्काल एसपी रजनेश सिंह नगरी-सिहावा के लिए रवाना हो गए। उन्होंने आपरेशन कर लौटे जवानों से विस्तृत रिपोर्ट लेकर आगे की रणनीति बनाई और को जंगल में सघन सर्चिंग के लिए रवाना किया। सीआरपीएफ और सीएएफ के जवानों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
पीठ्ठू व अन्य सामान मिला
बताया जा रहा है कि मटियाबाहरा कैम्प में 8 से 10 माओवादी छुपे हुए थे। यह इलाका गरियाबंद से लगा हुआ है, जिसके कारण यहां गोबरा दलम के कमांडर सत्यम गावड़े और सीतानदी दलम कमांडर सीमा मंडावी दोनों का दबदबा है। सर्चिंग में एसओजी ने मौके पर माओवादियों का पीठ्ठू बैग, माओवादी साहित्य, कपड़ा, दवाईयां व दैनिक उपयोग की अन्य सामग्रियां बरामद की गई है।
पुलिस हुई चौकस
पुलिस के खुफिया सूत्रों के अनुसार विधानसभा चुनाव के समय माओवादी सिहावा क्षेत्र में अपनी पैठ बढ़ाने में लग गए हैं। ऐसी जानकारी मिली है कि वे चुनाव के समय किसी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं। इसी के चलते सिहावा क्षेत्र के मटियाबाहरा, रिसगांव, खल्लारी, संदबाहरा, लिखमा, करका, मौहाबाहरा, आमाबाहरा में पुलिस ने अपनी सर्चिंग भी तेज कर दी है। पुलिस इस क्षेत्र में सक्रिय सीतानदी दलम के कमांडर सीमा मंडावी और गोबरा दलम के कमांडर सत्यम गावड़े पर भी कड़ी नजर रख रही है। पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार ये दुर्दांत माओवादी लगातार पुलिस को चकमा दे रहे हैं।
16 राउंड गोलियां चली
इस बीच जंगल में करीब 15 मिनट तक फायरिंग होती रही। सूत्रों के मुताबिक इसमें पुलिस की ओर से 16 राउंड फायरिंग हुई। इसके बाद पुलिस को हावी होता देख माओवादी घने जंगल और पहाड़ी का फायदा उठाकर भाग निकले। बताया जा रहा है कि पुलिस की फायरिंग से एक माओवादी के पैर में गोली भी लगी है। इस दस्ते में महिला माओवादी भी शामिल थीं।