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CG News: महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने वालों को बड़ी राहत, रजिस्ट्री में मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट, लेकिन अभी करना होगा इंतजार

CG News: संपत्ति की रजिस्ट्री पर कुल टैक्स करीब 10 प्रतिशत से घटकर 7.48 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे रियल एस्टेट बाजार में नई रफ्तार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

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CG News: महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने वालों को बड़ी राहत, रजिस्ट्री में मिलेगी 50 प्रतिशत की छूट, लेकिन अभी करना होगा इंतजार

CG News: @अजय रघुवंशी। महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदने वालों को बड़ी राहत के लिए अभी इंतजार करना पड़ रहा है। महिलाओं के नाम पर प्रॉपटी की खरीदी में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। कैबिनेट की बैठक के बाद इस संबंध में राजस्व विभाग की अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही सॉफ्टवेयर में भी कीमतों का अपटेड करना होगा।

महानिरीक्षक पंजीयन विभाग के मुताबिक निर्णय लागू होते ही महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर कुल टैक्स करीब 10 प्रतिशत से घटकर 7.48 प्रतिशत रह जाएगा, जिससे रियल एस्टेट बाजार में नई रफ्तार आने की उम्मीद जताई जा रही है। कैबिनेट ने पंजीयन शुल्क को 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का फैसला लिया है, जबकि महिलाओं के नाम पर 5.48 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी यथावत रहेगी। इस बदलाव के बाद पुरुषों के लिए जहां 6.6 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी लागू रहेगी, वहीं महिलाओं के लिए यह 5.48 प्रतिशत ही होगी।

20 लाख की प्रॉपर्टी पर टैक्स में 60 हजार रुपये की बचत

उदाहरण के तौर पर 20 लाख की प्रॉपर्टी में महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने पर 60 हजार रुपये की बचत होगी,वहीं 1 करोड़ की प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में 3 लाख रुपये की बचत होगी। कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद अब कार्यालय महानिरीक्षक पंजीयन विभाग को दरों में संशोधन करना होगा और इसके अनुरूप एनजीडीआरएस सॉफ्टवेयर में अपडेट किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक तकनीकी अपडेट और अधिसूचना जारी होने में 7 से 10 दिन का समय लग सकता है। यही वजह है कि बड़ी संख्या में खरीदार फिलहाल रजिस्ट्री टालकर आदेश का इंतजार कर रहे हैं, ताकि छूट का लाभ लिया जा सके।

राजस्व पर पड़ेगा असर

राज्य सरकार के अनुसार इस फैसले से लगभग 153 करोड़ रुपए के राजस्व पर असर पड़ेगा, लेकिन इसे महिला सशक्तिकरण के लिए एक दीर्घकालिक सामाजिक निवेश के रूप में देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि यह पहल विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की संपत्ति में भागीदारी बढ़ाने में प्रभावी साबित हो सकती है।

बाजार पर असर

इस फैसले के बाद रियल एस्टेट सेक्टर में नए निवेश की उम्मीद बढ़ गई है। आपको बता दे जमीन खरीदार फिलहाल अभी रजिस्ट्री रोककर छूट लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। कुल मिलाकर, यह फैसला महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ-साथ राज्य के प्रॉपर्टी मार्केट को भी नई गति दे सकता है।