भारतीय जनता पार्टी में टिकट की घोषणा होने के साथ ही बवाल शुरू हो गया है। रायगढ़ और दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट के कार्यकर्ता खुलकर पार्टी के विरोध में खड़े हो गए हैं।
रायपुर/रायगढ़. भारतीय जनता पार्टी में टिकट की घोषणा होने के साथ ही बवाल शुरू हो गया है। रायगढ़ और दुर्ग जिले की पाटन विधानसभा सीट के कार्यकर्ता खुलकर पार्टी के विरोध में खड़े हो गए हैं। रायगढ़ में पूर्व विधायक विजय अग्रवाल के पक्ष में छह पार्षदों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है।
वहीं पाटन के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश मुख्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर और एकात्म परिसर में पहुंचकर उम्मीदवार बनाए गए मोतीलाल साहू के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक विजय बघेल को टिकट नहीं दिए जाने सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी भी दी है। भाजपा के वरिष्ठ नेता इस विरोध को संभालने की कोशिश में हैं। कहा जा रहा है कि नाराज लोगों को समझा लिया जाएगा। पाटन विधानसभा सीट से विजय बघेल पिछले तीन चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी रहे हैं।
इस बार पार्टी मोतीलाल साहू को उम्मीदवार बनाया है। इससे कार्यकर्ता नाराज हो गए है। कार्यकर्ताओं ने भाजपा के शीर्ष नेताओं पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल के साथ साठगांठ का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पाटन से कमजोर उम्मीदवार उतारकर बघेल को जिताना चाहती है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाटन में उन्हें पैराशूट लैंडिंग प्रत्याशी नहीं चाहिए।
उनका कहना है कि विधानसभा क्षेत्र में कोई कार्यकर्ता नहीं पहचानता और साहू इस जिले के रहने वाले भी नहीं है। रायगढ़ विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक रोशनलाल अग्रवाल को टिकट मिलने के बाद भाजपा तीन धड़ों में बंटती दिखाई दे रही है। रोशन लाल को टिकट दिए जाने का विरोध भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय अग्रवाल और उमेश अग्रवाल दोनों ने किया है।
शनिवार की रात और रविवार की सुबह विजय अग्रवाल के घर में बैठक कर कार्यकर्ताओं ने विरोध करने का फैसला लिया है। इसके बाद नगर निगम रायगढ़ में भाजपा पार्षद कौशलेष मिश्रा, मुक्तिनाथ प्रसाद, दिवेश सोलंकी, अरुण देवांगन, अशोक यादव और लक्ष्मण महिलांगे ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया। उनका आरोप है कि पार्टी आलाकमान ने टिकट के लिए सही आदमी का चयन नहीं किया है, इसलिए वे इस्तीफा दे रहे हैं।
पूर्व विधायक पाटन विजय बघेल ने कहा कि मेरी जानकारी के बिना कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध जताया है। मैं एक गमी के कार्यक्रम में व्यस्त था। मैं पार्टी का सिपाही हूं। पार्टी जो भी आदेश देगी उसका पालन करुंगा। कार्यकर्ताओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त की है। जो लोग पार्टी के लिए तन, मन, धन से समर्पित होकर काम करते हैं, यह उनका स्वाभाविक आक्रोश है।
पूर्व विधायक रायगढ़ विजय अग्रवाल ने कहा कि पार्टी ने गलत निर्णय लिया है। रोशनलाल अग्रवाल का विरोध गांव-गांव में है। इसके बाद भी पार्टी के बड़े लोगों ने यह फैसला कैसे ले लिया समझ के परे। उम्मीदवार का चयन कार्यकर्ताओं और जनता की पसंद से नहीं, बल्कि व्यक्तिगत पसंद से किया गया है। अभी पार्टी आलाकमान को सोचने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। इसके बाद आगे फैसला लिया जाएगा।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि हमारी पार्टी में कही कुछ भी विरोध वाली बात नहीं है। भाजपा एक कार्यकर्ता आधारित दल है। यहां सभी को उचित मंच पर अपनी बात कहने की पूरी आजादी है। यहां असहमति का भी सम्मान है। सभी भाजपाजन अब एकजुट होकर मिशन 65 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जुट गए हैं।