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CG Election 2018: कैबिनेट मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने कहा – योजनाओं को लेकर किया गया भेदभाव

ग्राम नारी की महिलाएं आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठती है, जब उन्होंने शराब दुकान हटाने के लिए आंदोलन किया था तो, कैसे उन्हें वर्दी का सहारा लेकर प्रताड़ित करते हुए जेल भेज दिया गया।
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रायपुर

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Chandu Nirmalkar

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Updated: 13 Oct 2018, 4:04 PM IST

Chhattisgarh ka siyasi sangram

Chhattisgarh ka siyasi sangram

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में हर दिन बीतने के साथ चुनावी गर्मी बढती जा रही है। एक तरफ जहां संभावित उम्मीदवार अपना दिल थामे बैठे हैं वहीं आम नागरिकों को भी इंतजार है कि उनकी पसंदीदा पार्टी किन्हें टिकट देती है। पत्रिका के अब्दुल रज्जाक रिजवी की ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए धमतरी का हाल।

प्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री अजय चंद्राकर के कुरूद विधानसभा क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछ गया है। सिंचाई के लिए कई एनीकट और स्टाप डेम बन गए। 24 घंटों बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी विकास किया गया है। विडम्बना यह है कि इसके बावजूद मतदाताओं की खामोशी से स्वयं भाजपा नेतृत्व अचंभित हैं।ग्राम नारी की महिलाएं आज भी उस दिन को याद कर सिहर उठती है, जब उन्होंने शराब दुकान हटाने के लिए आंदोलन किया था तो, कैसे उन्हें वर्दी का सहारा लेकर प्रताड़ित करते हुए जेल भेज दिया गया।

गांव में शराब बनी जंजाल
यहां से हम सीधे इस क्षेत्र के सबसे जागरूक ग्राम नारी पहुंचे, तो वहां दीनाराम सोनवानी से मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि लंबे संघर्ष के बाद शराब दुकान को हटा दिया गया है, लेकिन बदले की राजनीति अभी भी हो रही है। संतोष साहू का कहना था कि कई लोगों को झूठे मामले में फंसाकर प्रताड़ित किया गया। ताराचंद साहू को इस बात का मलाल है कि सत्ता के संरक्षण में गांव-गांव में कोचिए शराब बेच रहे हैं और इसकी चपेट में आकर युवा अपना भविष्य खराब कर रहे हैं। बुजुर्ग सेवकराम साहू को इस बात की पीड़ा थी कि समय पर उसे पेंशन नहीं मिलती। इसी तरह महिला भावा बाई ने बताया कि सिलेंडर जरूर मिला है, लेकिन उसके पास हर महीने इसे भराने के लिए पैसा नहीं है।

स्वाभिमान को ठेस
कुरूद की राजनीति में भखारा नगर पंचायत का अपना अलग महत्व है। यहां जब यासिन भाई से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि चमचमाती सड़क और खेल स्टेडियम ने भखारा की तस्वीर में खूबसूरती का रंग भर दिया है। मौजूदा नेतृत्व ने विकास को एक नया आयाम देकर हमारा सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। व्यवसायी ललित जैन ने बेबाकी से कहा कि विकास कार्य अपनी जगह पर है, लेकिन यहां के मतदाताओं के स्वाभिमान को जो ठेस पहुंचाई गई है, उसे वे नहीं भूले हैं।

सांधा चौक पर बतकही
कुरूद के सांधा चौक का अपना महत्व है। रायपुर या धमतरी जाने के लिए कोई निकलता है, तो यहां कुछ देर जरूर रूकता है। साहू हॉटल में चाय पीते हुए राकेश चंद्राकर से चुनाव के संबंध में चर्चा हुई, तो उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा विकास कार्य कुरूद क्षेत्र में हुआ है। इसका श्रेय केबिनेट मंत्री अजय चंद्राकर को जाता है।

युवा नरोत्तम साहू ने उनकी बात बीच में ही काटते हुए कहा कि यहां के युवा डिग्री लेकर रोजगार के लिए भटक रहे हैं। हर बार चुनाव के समय आश्वासन मिलता है कि रोजगार मिलेगा, फिर उसके बाद हमारे सपने टूट जाते हैं। चर्रा रोड में पहुंचे, तो व्यवसायी गुड्डू भाई ने बताया कि जब से नोटबंदी और जीएसटी लागू हुई है, तब से हमारा कारोबार काफी प्रभावित हो गया है।

योजनाओं का लाभ देने में भेदभाव
कठौली की जागरूक महिला शंकुतला साहू ने साहस करके बताया कि शासन की योजनाओं का लाभ देने में भी भेदभाव किया जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि उन्हें ही लाभ दिया जाए, जिनकी निष्ठा पार्टी विशेष से है। गुलाबराम निषाद ने बताया कि रेत माफिया यहां चांदी काट रहे हैं। और तो और उनके लिए खट्टी एनीकट का पानी भी खाली करा दिया गया है।