रायपुर

छत्तीसगढ़ में तबादलों पर ब्रेक! June खत्म होने को लेकिन सरकार का फैसला बाकी, अब कर्मचारियों करेंगे CS से मुलाकात

Chhattisgarh Transfer Policy 2026: छत्तीसगढ़ में तबादला नीति को लेकर सरकारी कर्मचारियों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। हर साल मई-जून में जारी होने वाली नीति इस बार अब तक नहीं आई है।
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Jun 29, 2026
Chhattisgarh Transfer Policy 2026
Chhattisgarh Transfer Policy 2026:छत्तीसगढ़ में तबादलों पर ब्रेक(photo-patrika)

Transfer Policy 2026: छत्तीसगढ़ में तबादला नीति को लेकर सरकारी कर्मचारियों का इंतजार इस बार लंबा हो गया है। हर साल आमतौर पर मई-जून के दौरान राज्य सरकार स्थानांतरण नीति जारी कर देती है, लेकिन इस बार जून खत्म होने को है और अभी तक नीति को लेकर कोई स्पष्ट फैसला सामने नहीं आया है। नीति में देरी के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। कर्मचारी संगठन का कहना है कि समय पर तबादला नीति जारी होने से कर्मचारियों को अपने परिवार और कार्यस्थल से जुड़े फैसले लेने में सुविधा मिलती है।

Transfer Policy: कर्मचारी संगठन करेंगे मुख्य सचिव से मुलाकात

कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने तबादला नीति जल्द जारी करने की मांग उठाई है। फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा ने कहा कि सरकार को समय पर नीति जारी करनी चाहिए, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि खासकर दिव्यांग, आर्थिक रूप से कमजोर और लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों को तबादला नीति का इंतजार रहता है। संगठन जल्द ही मुख्य सचिव को पत्र सौंपकर नीति जारी करने की मांग करेगा।

मई-जून का समय क्यों माना जाता है सही

कर्मचारी संगठनों के अनुसार तबादला नीति जारी करने के लिए मई-जून का समय सबसे उपयुक्त होता है। इस दौरान सरकारी कर्मचारियों के बच्चों की छुट्टियां रहती हैं। नए स्थान पर तबादला होने पर स्कूल-कॉलेज में प्रवेश जैसी प्रक्रिया आसानी से पूरी हो जाती है। इसके अलावा कर्मचारी भी नए स्थान पर जाने की तैयारी समय रहते कर पाते हैं।

वर्षों से एक ही जगह पदस्थ कर्मचारी परेशान

प्रदेश के विभिन्न विभागों में कई कर्मचारी लंबे समय से स्थानांतरण का इंतजार कर रहे हैं। कुछ कर्मचारी पारिवारिक कारणों, स्वास्थ्य समस्याओं और प्रशासनिक जरूरतों के चलते तबादला चाहते हैं। कर्मचारियों का कहना है कि स्थानांतरण नीति केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं है, बल्कि बेहतर मानव संसाधन प्रबंधन का हिस्सा भी है। नीति में देरी से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

पिछले साल 4 जून को मिली थी मंजूरी

बता दें कि पिछले साल 4 जून को कैबिनेट ने वर्ष 2025 की स्थानांतरण नीति को मंजूरी दी थी। इसके तहत जिला स्तर पर 14 जून से 25 जून तक प्रभारी मंत्री की अनुमति से और राज्य स्तर पर विभागीय मंत्री की मंजूरी से तबादले किए गए थे। पिछली नीति में न्यूनतम दो वर्ष की सेवा अनिवार्य रखी गई थी। गंभीर बीमारी, मानसिक या शारीरिक अक्षमता और सेवानिवृत्ति से पहले एक वर्ष वाले कर्मचारियों को विशेष सुविधा दी गई थी।

तबादलों की सीमा भी तय थी

पिछली नीति के अनुसार तृतीय श्रेणी कर्मचारियों के संवर्ग में अधिकतम 10 प्रतिशत और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में अधिकतम 15 प्रतिशत तक स्थानांतरण किए जाने का प्रावधान था। अनुसूचित क्षेत्रों से स्थानांतरण के लिए एवजीदार की व्यवस्था भी रखी गई थी। अब कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है।

Published on:
29 Jun 2026 12:49 pm