
Raipur Municipal Corporation Fund: छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में जरूरी मरम्मत और संधारण कार्यों को गति देने के लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। विभाग ने राज्य के सभी नगरीय निकायों को 22 करोड़ 6 लाख रुपये की आपात निधि जारी की है। यह राशि चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल से जून) के लिए जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव के निर्देश पर संचालनालय ने सभी निकायों को यह राशि हस्तांतरित की है।
जारी आदेश के मुताबिक मरम्मत-संधारण आपात निधि में प्रदेश के 14 नगर निगमों को सबसे बड़ी राशि आवंटित की गई है। नगर निगमों के लिए कुल 13 करोड़ 76 लाख रुपये जारी किए गए हैं। इस राशि का इस्तेमाल शहरों में जरूरी मरम्मत कार्य, रखरखाव और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने से जुड़े कामों में किया जाएगा। इससे नगरीय क्षेत्रों में लंबित आवश्यक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश की 56 नगर पालिकाओं के लिए भी आपात निधि जारी की है। इन निकायों को कुल 5 करोड़ 18 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। इस फंड से स्थानीय स्तर पर जरूरी मरम्मत, रखरखाव और संधारण से जुड़े लंबित कार्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे नगर पालिका क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में तेजी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा प्रदेश की 124 नगर पंचायतों के लिए भी 3 करोड़ 66 लाख रुपये की आपात निधि जारी की गई है। इस राशि का उपयोग नगर पंचायत क्षेत्रों में जरूरी मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना और छोटे-बड़े सभी निकायों में आवश्यक सुधार कार्यों को तेजी से पूरा कराना है।
नगरीय प्रशासन विभाग के अनुसार यह राशि निकायों को तत्काल जरूरत वाले मरम्मत और संधारण कार्यों के लिए उपलब्ध कराई गई है। इससे सड़क, भवन, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं के रखरखाव में तेजी आने की उम्मीद है।