Raipur Urban Body News: निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा में काम सुनिश्चित कराने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। डिप्टी सीएम अरुण साव की पहल पर समिति बनाई गई है।
Chhattisgarh Urban Body Update: नगरीय निकायों में होने वाले निर्माण कार्यों पर सरकार की खास नजर रहेगी। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा में काम पूर करने के लिए उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। विभाग ने इसका आदेश जारी करते हुए इस आदेश का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है।
नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा गठित उच्च स्तरीय निगरानी समिति का विस्तार राज्य के सभी नगरीय निकायों में होगा। समिति नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री/भारसाधक मंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी। विभागीय सचिव द्वारा सौंपी गई अन्य योजनाओं व परियोजनाओं की समीक्षा भी समिति द्वारा की जाएगी।
शासन स्तर पर विभागीय उप सचिव उच्च स्तरीय निगरानी समिति के नोडल अधिकारी और विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (तकनीकी) सहायक नोडल अधिकारी होंगे। संचालनालय स्तर पर अपर संचालक नोडल अधिकारी तथा मुख्य अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे। सूडा स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी समिति के नोडल अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी या उप मुख्य कार्यपालन अधिकारी सहायक नोडल अधिकारी होंगे। निगम स्तर पर नोडल अधिकारी संबंधित आयुक्त और वरिष्ठतम अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे।
वहीं क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर संयुक्त संचालक नोडल अधिकारी और कार्यपालन या अधीक्षण अभियंता सहायक नोडल अधिकारी होंगे। नगर पालिका और नगर पंचायत स्तर पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी नोडल अधिकारी और वरिष्ठतम अभियंता समिति के सहायक नोडल अधिकारी होंगे।
जनवरी 2024 से जून 2024 तक छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबित कार्यों की संख्या दर्शाने वाला चार्ट यहां दिया गया है। यह चार्ट छह महीने की अवधि में शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के रुझानों पर प्रकाश डालता है।
नगरीय निकायों के नोडल अधिकारी हर 15 दिनों में परियोजनाओं की समीक्षा कर ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज करेंगे। नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में 45 दिनों में संचालनालय व सूडा स्तर पर समीक्षा की जाएगी। नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों की समीक्षा के बाद हर माह क्षेत्रीय कार्यालय स्तर पर प्रगति की समीक्षा की जाएगी। शासन स्तर पर उप सचिव द्वारा प्रत्येक तिमाही में प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा की जाएगी।
विभाग द्वारा उच्च स्तरीय निगरानी समिति गठित करने के संबंध में जारी आदेश के अनुसार सूडा द्वारा समिति के लिए ऑनलाइन पोर्टल का निर्माण किया जाएगा। संचालनालय द्वारा ऑनलाइन पोर्टल के लिए आवश्यकतानुसार राशि प्रदान की जाएगी। समिति द्वारा सभी परियोजनाओं की समीक्षा ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।