
रायपुर. दक्षिण-पश्चिम मानसून फिर कमजोर पड़ गया है। इससे रायपुर में तो बिल्कुल भी बारिश नहीं हो रही है। बारिश नहीं होने से शहरवासियों में बेचैनी बढ़ गई है कि आखिर मानसून ने रायपुर के प्रति इतनी बेरुखी क्यों अपना लिया है। बारिश नहीं होने से शहर में उमस बढ़ गई है।
मौसम में ऊंच-नीच होने से लोग मौसमी बीमारियों के भी शिकार हो रहे हैं। प्रमुख मार्गों में भारी वाहनों के चलने से धूल उडऩे लगी है। दिन के तापमान में भी बढ़ोत्तरी हुई है। तीन पहले शहर का अधिकतम तापमान 27 डिग्री तक पहुंच गया था, लेकिन बारिश नहीं होने से शनिवार को शहर का अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री रहा।
गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार मानसून द्रोणिका बीकानेर, अलवर, कानपुर, सुल्तानपुर, मुजफ्फरपुर, पुरनेय, धुबरी होते हुए पूर्वी-पश्चिम आसाम तक है। इस कारण से छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर सिर्फ हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पडऩे की संभावना है। राजधानी में रविवार को आकाश आंशिक मेघमय रहेगा। शाम या रात में गजर-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। अधिकतम तापमान 34 के आसपास रहने की संभावना है।
कहां-कहां हुई बारिश
पेंड्रारोड, जगदलपुर, भानुप्रतापपुर में 2-2 सेमी, बीजापुर में एक सेमी बारिश हुई। इसके अलावा कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई।
यहां भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक तटीय कर्नाटक, महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा, केरल, पूर्वी व पश्चिमी राजस्थान, अरुणाचल, असम, मेघालय, बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तरी गुजरात, तेलंगाना में शनिवार तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
उधर, उत्तराखंड में भी ऋषिकेश-यमुनोत्री एनएच 94 पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। यहां भी गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारधाम मार्गों पर भूस्खलन की वजह से तीर्थयात्रियों को आगे बढऩे से रोक दिया है। हालांकि बाधित यात्रा मार्ग को खोलने की कोशिश की जा रही है। आपदा न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र का मानना है कि यात्रा मार्ग सुचारू रूप से खुलने में एक दो दिन का समय लग सकता है।