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छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सर्जरी! आदिम जाति विकास विभाग के 3 अधिकारियों का ट्रांसफर

Chhattisgarh Government Transfer Order: छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन अपर संचालकों का तबादला कर नई पदस्थापना की है।

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Tribal Welfare Officers Transfer

छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सर्जरी (photo source- Patrika)

Tribal Welfare Officers: छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास विभाग ने प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण फेरबदल करते हुए तीन अपर संचालकों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग का कहना है कि अनुसूचित क्षेत्रों में संचालित जनजातीय विकास और कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, बेहतर निगरानी और समन्वय को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

यह फेरबदल बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में चल रही विभिन्न योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है। विभागीय आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।

Tribal Development Administration: जनजातीय योजनाओं के बेहतर संचालन पर फोकस

आदिम जाति विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है ताकि योजनाओं की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके। विभाग का मानना है कि क्षेत्रीय स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की तैनाती से योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और विकास कार्यों की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।

इन प्रमुख योजनाओं के लिए किया गया फेरबदल

जिन योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी एवं क्रियान्वयन को मजबूत बनाने के लिए यह प्रशासनिक निर्णय लिया गया है, उनमें कई महत्वपूर्ण जनजातीय विकास योजनाएं शामिल हैं। इनमें विशेष केंद्रीय सहायता योजना (बस्तर पैकेज), धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान (डीएजेजीयूए), प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन), वन अधिकार अधिनियम-2006 तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय जैसी योजनाएं प्रमुख हैं।

इसके अलावा विभागीय छात्रावासों और आश्रमों का संचालन, संविधान के अनुच्छेद 275(1) के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्य तथा एकीकृत आदिवासी विकास प्राधिकरण (आईटीडीए) की योजनाओं के प्रभावी संचालन पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग पर विशेष नजर

आदेश के अनुसार बस्तर, सरगुजा और बिलासपुर संभाग के अनुसूचित क्षेत्रों में विकास योजनाओं की प्रगति की निगरानी और मूल्यांकन को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। ये क्षेत्र राज्य के प्रमुख आदिवासी अंचलों में शामिल हैं, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बनी रहे और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे।

Administrative Reshuffle Chhattisgarh: प्रशासनिक कसावट से बढ़ेगी जवाबदेही

विशेषज्ञों का मानना है कि समय-समय पर प्रशासनिक फेरबदल से विभागीय कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा आती है। नई जिम्मेदारियां मिलने से अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ती है और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता तथा प्रभावशीलता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है। आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया गया यह बदलाव भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे आदिवासी क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की निगरानी और बेहतर समन्वय की उम्मीद की जा रही है।

जनजातीय विकास को गति देने की पहल

छत्तीसगढ़ सरकार लगातार आदिवासी क्षेत्रों के समग्र विकास पर जोर दे रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। तीन अपर संचालकों के तबादले और नई पदस्थापना को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिससे जनजातीय कल्याण योजनाओं के क्रियान्वयन को और अधिक गति मिल सके तथा अनुसूचित क्षेत्रों में विकास कार्यों की निगरानी मजबूत हो सके।

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