
NSTI Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में जमीन नहीं मिलने के कारण राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई) नहीं खुल पाया है। जबकि देश के विभिन्न राज्यों में कुल 36 जगहों पर इसको मंजूरी मिल गई है। कई बड़े राज्यों में दो से तीन संस्थान को मंजूरी मिली है। ऐसा नहीं है कि छत्तीसगढ़ में एनसीटीआई के लिए केंद्र सरकार तैयार नहीं है।
केंद्र सरकार ने इसके लिए छत्तीसगढ़ से 10 एकड़ जमीन मांगी है। जमीन मिलने के इंतजार में इसकी प्रक्रिया भी आगे नहीं बढ़ पा रही है। यह जानकारी लोकसभा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री जयंत चौधरी ने दी है।
सांसद ने की त्वरित पहल की अपील: सांसद अग्रवाल ने कहा, रायपुर में राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि एनएसटीआई के लिए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि यह महत्वपूर्ण परियोजना जल्द धरातल पर उतर सके।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं को कौशलयुक्त, आत्मनिर्भर और रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। छत्तीसगढ़ को इस राष्ट्रीय प्रयास से जोडऩा उनकी प्राथमिकता रही है और आगे भी वे राज्य के हित में ऐसे मुद्दे संसद में मजबूती से उठाते रहेंगे।
लोकसभा में सांसद अग्रवाल ने लोकसभा में निपुण भारत मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ सहित देश के जनजातीय और ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक कौशल से जुड़े शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में भाषा की बाधाओं को दूर करने के लिए निपुण भारत मिशन के अंतर्गत 18 स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। अग्रवाल ने कहा, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जहां जनजातीय समुदायों की बड़ी आबादी निवास करती है, वहां भाषा की बाधाएं शिक्षा के मार्ग में एक बड़ी चुनौती रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि, स्थानीय भाषाओं और बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा, डिजिटल एफएलएन सामग्री, स्मार्ट क्लासरूम एवं टैबलेट जैसी सुविधाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही समान शैक्षिक अवसर सुनिश्चित कर सकता है। छत्तीसगढ़ में जनजातीय क्षेत्रों सहित कुल 10,771 स्मार्ट कक्षाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 5,857 स्मार्ट कक्षाएं वर्तमान में कार्यात्मक हैं। इसके साथ ही सीआईआईएल, मैसूर के सहयोग से छत्तीसगढ़ी, हल्बी और सुरगुजिहा भाषाओं में त्रिभाषी शब्दकोश एवं डिजिटल सामग्री भी विकसित की गई है।
एनएसटीआई की स्थापना से छत्तीसगढ़ के युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों में प्रशिक्षण मिलेगा। यहां इलेक्ट्रॉनिक्स, सौर ऊर्जा, उन्नत तकनीकी ट्रेड, प्रशिक्षकों का उच्चस्तरीय प्रशिक्षण और उद्योग आधारित कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य के युवाओं की रोजगार क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता राष्ट्रीय स्तर पर होगी। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि रोजगार से सीधे जोडऩा है।