
Bus Fair Hike: छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ की चेतावनी के बाद यात्री बसों का किराया बढ़ाने की तैयारी चल रही है। बस मालिकों की मांग और डीजल की कीमतों को देखते हुए 1.75 रुपए प्रति किलोमीटर बढ़ाने का प्रस्तावित है। राज्य सरकार की हरी झंडी मिलते ही परिवहन विभाग द्वारा इसका आदेश जारी किया जाएगा। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनवर अली ने बताया कि प्रदेश में 2018 के बाद से बस के किराए में वृद्धि नहीं की गई है। किराया बढ़ाने की मांग पर पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा केवल 25 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ाने की अनुमति दी गई थी। यह किराया अब तक लागू है।
जबकि डीजल की कीमत 92 से बढ़कर 110 रुपए हो गई है। ईरान युद्ध के बाद से डीजल-ऑइल, ग्रीस और टायर-ट्यूब से लेकर अन्य सामानों की कीमतों में इजाफा हुआ है। बता दें कि प्रदेश में 12 हजार से ज्यादा यात्री बसों का संचालन किया जाता है। इस कारोबार से 1 लाख ज्यादा लोग जुड़े हैं। किराया नहीं बढ़ाने पर ऑपरेटरों ने 22 सितंबर से बसों का संचालन बंद करने की चेतावनी दी थी।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि एक सीट का डबल टैक्स लेने, ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट के दुरुपयोग करने जीपीएस की कीमतों में इजाफा करने के कारण बसों का संचालन करने में परेशानी हो रही है। बता दें कि प्रदेश में बस ऑपरेटरों की दो यूनियन हैं। इसमें से एक यूनियन द्वारा 22 सिंतबर को प्रस्तावित हड़ताल की चेतावनी दी गई है।
यात्री किराए में इजाफा करने के लिए परिवहन मंत्री केदार कश्यप, वित्त विभाग से स्वीकृति मिल चुकी है। विधि विभाग से औपचारिक स्वीकृति मिलते है कैबिनेट की आगामी बैठक में इसकी अधिकारिक रूप से घोषणा कर राजपत्र में प्रकाशन होगा। बता दें कि डीजल की कीमतों में इजाफा होने के बाद पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा में किराया 2 रुपए बढ़ाया गया है।