
रायपुर । मंगलवार को भूपेश कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए जिसमे एक बड़ा फैसला NRDA के पूर्व CEO एसएस बजाज को सस्पेंड कर दिया गया है।करीब ढ़ाई घंटे तक चली बैठक के बाद मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि नया राजधानी में यूपीए चेयरमैन सोनिया गांधी ने जिस जगह पर शिलान्यास किया था, उस जमीन को एनआरडीए के अफसरों ने बेच दिया।
नया रायपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी के पूर्व सीईओ एसएस बजाज को आज निलंबित कर दिया गया है। बजाज पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नियमों को ताक में रखकर नया रायपुर की जमीनों का आबंटन किया है।
मिली जानकारी के अनुसार 2003 में सोनिया गांधी ने जिस जमीन पर नया रायपुर के लिए शिलान्यास किया था, उसी जगह को एसएस बजाज ने अपने कार्यकाल के दौरान किसी अन्य को आबंटन कर दिया वहीं, गोल्फकोर्स की ज़मीन को कोड़ियों के मोल पर प्राइवेट बिल्डर को दे दिया गया है।
दस्तावेजों की जांच किए जाने पर पता चला कि शिक्षण संस्थान को जमीन आबंटन करने के दौरान खसरा में से शिलान्यास स्थल की बात छिपा दी थी। इस पूरे काम में एनआरडीए के पूर्व सीईओ श्याम सुन्दर बजाज की संदिग्ध भूमिका को देखते हुए मंगलवार को राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया है।