रायपुर

छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई! वैभव अग्रवाल हिरासत में, आज कोर्ट में हो सकती है पेशी

Chhattisgarh Breaking News: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में EOW ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लिया है।
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Jul 08, 2026
Coal Scam Breaking
Coal Scam Breaking: छत्तीसगढ़ कोयला घोटाले में EOW की बड़ी कार्रवाई(photo-patrika)

Coal Scam Breaking: छत्तीसगढ़ के चर्चित कोयला लेवी घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लिया है। उनसे मामले में पूछताछ जारी है। रामगोपाल अग्रवाल पहले से फरार बताए जा रहे हैं और एफआईआर में पिता-पुत्र दोनों के नाम दर्ज हैं।

सूत्रों के अनुसार, वैभव अग्रवाल को 24 घंटे की कानूनी अवधि पूरी होने से पहले EOW की विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है। मामले में जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई के लिए पूछताछ से मिले तथ्यों का विश्लेषण कर रही हैं।

Coal Scam: FIR में पहले से दर्ज है पिता-पुत्र का नाम

ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज एफआईआर में रामगोपाल अग्रवाल और उनके बेटे वैभव अग्रवाल दोनों के नाम पहले से शामिल हैं। जहां रामगोपाल अग्रवाल अभी भी फरार बताए जा रहे हैं, वहीं वैभव अग्रवाल से जांच एजेंसी घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने क्या कहा?

मामले को लेकर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि ईओडब्ल्यू सहित सभी जांच एजेंसियां अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला है और जिसके पास भी संबंधित जानकारी है, उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि जांच आगे भी जारी रहेगी और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

क्या है 540 करोड़ रुपये का कोयला लेवी घोटाला?

जांच एजेंसियों के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला परिवहन के दौरान प्रति टन 25 रुपये की अवैध लेवी वसूली गई। आरोप है कि ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया को ऑफलाइन कर वरिष्ठ अधिकारियों, राजनेताओं और अन्य लोगों की मिलीभगत से यह अवैध वसूली की गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की गई।

व्हाट्सएप ग्रुप से चलता था पूरा नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि अवैध लेवी की वसूली और समन्वय के लिए 'पाल', 'दुर्ग', 'वीकली', 'टावर', 'टुडे' और 'जुगनू' नाम से कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि इन्हीं माध्यमों से पूरे नेटवर्क का संचालन किया जाता था।

ED और EOW की जांच जारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW दोनों इस मामले की जांच कर रहे हैं। अब तक ED करीब 273 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर चुकी है। मामले में 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 35 आरोपियों के खिलाफ पांच चालान विशेष अदालत में पेश किए जा चुके हैं। अब वैभव अग्रवाल से पूछताछ के बाद जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

Updated on:
08 Jul 2026 05:27 pm
Published on:
08 Jul 2026 03:55 pm