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रायपुर में 13 साल पुराना घोटाला उजागर! फर्जी तरीके से प्लॉट बेचकर किया गबन, सहकारी निरीक्षक गिरफ्तार

Raipur EOW Action: रायपुर में ईओडब्ल्यू ने 13 साल पहले गृह निर्माण समितियों के प्लाट बेचकर 3 करोड़ रुपए का गबन करने वाले वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक राजकुमार नायडू को गिरफ्तार किया है।

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13 साल पुराना घोटाला उजागर! फर्जी तरीके से प्लॉट बेचकर किया गबन, सहकारी निरीक्षक गिरफ्तार(photo-patrika)

13 साल पुराना घोटाला उजागर! फर्जी तरीके से प्लॉट बेचकर किया गबन, सहकारी निरीक्षक गिरफ्तार(photo-patrika)

Raipur EOW Action: छत्तीसगढ़ के रायपुर में ईओडब्ल्यू ने 13 साल पहले गृह निर्माण समितियों के प्लाट बेचकर 3 करोड़ रुपए का गबन करने वाले वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक राजकुमार नायडू को गिरफ्तार किया है। साथ ही पूछताछ के लिए एक दिन की रिमांड पर लिया गया है।

आरोपी ने राष्ट्रीय खनिज विकास निगम कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी समिति और भैरव गृह निर्माण समिति रायपुर द्वारा पूर्व में आबंटित एवं पंजीकृत प्लाट को फर्जी तरीके से निरस्त कराने के बाद लेनदेन कर अन्य व्यक्तियों को कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर से कम कीमत पर बेचकर पंजीयन कराया।

साथ ही प्लाट के दोबारा विक्रय से मिली रकम को समिति के बैंक खाते में जमा नहीं कराया गया। वहीं सोसायटी द्वारा रोड एवं सार्वजनिक कार्य के लिए आरक्षित जमीन को बेचकर रकम को हजम कर लिया। इस घोटाले मई 2012 में निलंबित करने के बाद भी आपराधिक षडय़ंत्र कर समिति के खाते से 15 लाख रुपए आहरण किया।

Raipur EOW Action: ऐसे किया घोटाला

छत्तीसगढ़ के तत्कालीन परिसमापक/वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक राजकुमार नायडू ने नियमों को ताक पर रखकर फर्जी तरीके से प्लाट बेचा। 2011-12 में राष्ट्रीय खनिज विकास निगम कर्मचारी सहकारी गृह निर्माण समिति द्वारा 70 प्लाट आबंटित एवं पंजीकृत किए गए थे। इसमें से 13 फ्लाइट्स का पंजीयन निरस्त कर उसी दिन अन्य व्यक्तियों को कलेक्टर द्वारा निर्धारित दर से कम कीमत पर बेचकर पंजीयन कराया।

इससे सहकारी समिति को करीब 2.04 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसी तरह रायपुर के भैरव गृह निर्माण समिति में आवंटित एक व्यक्ति का प्लाट दूसरे को बेचने के साथ ही समिति द्वारा आमोद-प्रमोद के लिए छोड़े गए आरक्षित भूखण्ड को एक ही परिवार के 3 सदस्यों को बेच दिया।

वहीं प्लॉट खरीदने वालों को 1.64 करोड़ रुपए का अनुचित लाभ पहुंचाया। वहीं अवैध रूप से अर्जित रकम का गबन किया। घटना की जानकारी मिलने पर वास्तविक भूस्वामी द्वारा इसकी शिकायत की गई थी। इसकी जांच करने के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा अपराध दर्ज किया गया था।