रायपुर

Chhattisgarh Congress: कांग्रेस वार्ड अध्यक्षों की नई सूची जारी, विवाद से कार्यकारिणी का विस्तार अटका

Chhattisgarh congress: नामों पर लंबी चर्चा के बाद दाधिकारियों ने आखिरकार 66 वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी किया है। वहीं अब आंदोलन की गतिविधियों पर भी ब्रेक लग गया है…
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Apr 13, 2026
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बिलासपुर शहर कांग्रेस कार्यकारिणी की सूची जारी ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh congress: कांग्रेस में वार्ड अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद उठे विवाद का असर अब संगठन के कामकाज पर भी दिखाई दे रहा है। शहर का संगठन वार्ड अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों की सूची तैयार करने में जुटा है। इसके लिए नए सिरे से विधानसभा वार्ड अध्यक्षों के लिए होमवर्क किया जा रहा है, ताकि योग्य कार्यकर्ताओं को पद देकर भविष्य के लिए तैयार किया जा सकें।

Chhattisgarh congress: पांच वार्ड अध्यक्षों को बदला

इन सबके बीच रविवार की शाम नए वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी हुई। इसमें पांच वार्ड अध्यक्षों को बदला गया है। इसमें से तीन वार्ड अध्यक्ष तो रायपुर उत्तर विधानसभा से आते हैं। इसके अलावा रायपुर पश्चिम, रायपुर दक्षिण और रायपुर ग्रामीण से भी वार्ड अध्यक्ष को बदला गया है। इसके अलावा चार छूटे वार्ड के लिए अध्यक्ष की घोषणा की गई है।

66 वार्ड अध्यक्ष्यों की सूची जारी

बता दें कि कांग्रेस शहर अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन ने रायपुर नगर निगम के 70 वार्ड में से 66 वार्ड अध्यक्षों की सूची जारी की थी। इस सूची को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री ने रद्द कर दिया था। अब नए सिरे से संगठन सृजन कार्यक्रम की वजह से आंदोलन जैसी अन्य गतिविधियों पर ब्रेक लग गया है। ठीक इसके विपरीत सूची विवाद के चलते सियासी बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया था। डिप्टी सीएम अरुण साव ने तो यहां तक कह दिया कि कांग्रेस आपस में ही लड़कर खत्म हो जाएगी। इस मामले में शहर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि टकराव और विवाद की कोई स्थिति नहीं है।

गुटबाजी का असर

वार्ड अध्यक्षों की सूची निरस्त करने को कांग्रेस की अंदरुनी गुटबाजी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जाता है कि सूची तैयार करने में पर्यवेक्षक अरुण वोरा से पूरी चर्चा की गई थी। उनकी सहमति के बाद ही सूची जारी की गई। इसमें पूर्व विधायकों से भी सलाह ली गई थी, लेकिन जिले में कई नेता ऐसे हैं, जो आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए इच्छुक हैं। इस वजह से रायपुर उत्तर और रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड अध्यक्षों के नामों पर विवाद खड़ा हुआ है।

दावेदार अधिक होने से बढ़ी परेशानी

वहीं, शहर कार्यकारिणी के लिए काफी मशक्कत हो रही है। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने इस बार जिलाध्यक्षों को एक सीमा में बांध दिया है। 61 से अधिक पदाधिकारियों की सूची जारी नहीं हो सकती है। ऐसे में बड़े जिले जैसे रायपुर को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रायपुर शहर में तीन विधानसभा क्षेत्र आते हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल बैठाना बड़ी चुनौती बन गई है।

Updated on:
13 Apr 2026 12:42 pm
Published on:
13 Apr 2026 12:42 pm