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Asha Bhosle: हर जॉनर की रानी को सलाम, आशा भोसले को याद कर भावुक हुए कलाकार, ‘साइलेंट गुरु’ कहकर किया नमन

Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत की स्वर-साम्राज्ञी आशा भोसले के निधन की खबर ने पूरे देश को गहरे शोक में डुबो दिया है। अपनी मधुर आवाज, अद्भुत वर्सेटिलिटी और दशकों तक फैली साधना से उन्होंने संगीत को नई ऊँचाइयाँ दीं।

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रायपुर

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Khyati Parihar

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ताबीर हुसैन

Apr 13, 2026

हर जॉनर की रानी को सलाम (सोर्स- एक्स)

हर जॉनर की रानी को सलाम (सोर्स- एक्स)

रायपुर @ताबीर हुसैन। Asha Bhosle: महान गायिका के आशा भोसले के निधन ने संगीत जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। उनकी सुरीली आवाज, वर्सेटिलिटी और दशकों लंबी साधना को याद करते हुए देशभर के कलाकार भावुक हैं।

शेखर सेन ने अपने संस्मरण में बताया कि 1981 में उन्होंने पहली बार एक फिल्म के लिए आशाजी से मुजरा गीत रिकॉर्ड कराया था। इसके बाद भी कई प्रोजेक्ट्स में उनके साथ काम करने का अवसर मिला, जिनमें एक फिल्म ऐसी भी थी जिसमें तनुजाजी अपनी बेटी काजोल को लॉन्च करने वाली थीं।

हालांकि वह फिल्म बन नहीं सकी, लेकिन उसके 5-6 गीत आशाजी की आवाज में रिकॉर्ड किए गए थे। सेन ने भावुक होकर कहा, हमारी फिल्म लाइन की पीढ़ी का वह अंतिम नक्षत्र थीं। आज उस स्तर और समर्पण को रिप्रेजेंट करने वाला कलाकार बहुत कम है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्षों बाद भी कभी फोन पर तो कभी एयरपोर्ट पर उनसे मुलाकात हो जाती थी।

उभरते कलाकारों की प्रेरणा

रायपुर की बालीवुड सिंगर ने एश्वर्या पंडित ने कहा कि आशाजी हर उभरते कलाकार की प्रेरणा रही हैं। उनकी खनकती आवाज, क्लासिकल पकड़ और कैबरे सॉन्ग्स में महारत ने उन्हें अलग बनाया। मैंने उनसे वर्सेटाइल सिंगिंग सीखने की कोशिश की है। उन्होंने उनकी गजलों दायरे दिल, दिल धडक़ने का सबब, सलोना साजन है को अपना पसंदीदा बताया और कहा कि यह खबर स्वीकार करना बेहद मुश्किल है। उन्होंने 2018 के गंगा महोत्सव का जिक्र करते हुए बताया कि मुझे हरिहरनजी के साथ प्रस्तुति देने का अवसर मिला जहां आशा भोंसले से मिलने और उनसे सीखने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

उन्होंने मेरे हाथ थामे और मुस्कुराईं

महान गायिका को आशा भोसले को याद करते हुए रायपुर निवासी बॉलीवुड गायिका सुमेधा कर्महे ने उन्हें अपनी साइलेंट गुरु बताया। उन्होंने कहा कि बचपन में और की आवाज सुनते-सुनते ही संगीत से जुड़ाव हुआ और गाने का शौक पैदा हुआ। आशाजी हर जॉनर में माहिर थीं और उनकी गायकी जादू जैसी लगती थी। आइये मेहरबान उनका बचपन का पहला सीखा गीत रहा, जबकि आओ हुजूर तुमको गाकर उन्होंने का ऑडिशन पास किया।

उन्होंने भावुक होकर बताया कि 2007 में पहली बार मुलाकात के दौरान वह कुछ बोल नहीं पाईं और सिर्फ रोती रहीं। उन्होंने मेरे हाथ थामे और मुस्कुराईं, वो पल हमेशा याद रहेगा।

हर जॉनर और हर मूड को समझकर गाया

छत्तीसगढ़ी गायिका अनुपमा मिश्रा ने कहा कि आशा भोसले से सबसे बड़ी सीख वर्सेटिलिटी और बेफिक्र एक्सपेरिमेंट की मिलती है। हर जॉनर और हर मूड को समझकर गाना। यही उनकी सबसे बड़ी ताकत थी। उन्होंने दिल चीज क्या है (उमराव जान) को याद करते हुए कहा कि इसमें उनकी अदायगी और क्लासिकल पकड़ बखूबी नजर आती है।