
बिलासपुर. पूर्व केंद्रीय मंत्री और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डॉ. रमन सरकार 15 सालों से विकास का दावा कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि प्रदेश में कहीं विकास ही नहीं हुआ।
इसका सबूत यह है कि जब डॉ. रमन सिंह ने सीएम के पद की शपथ ली थी, तब यहां 32 लाख परिवार गरीब थे। उनके 15 साल के कार्यकाल में ये गरीब बढकऱ अब 45 लाख हो गए हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री मोइली ने कहा, छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के युवाओं की उपेक्षा करते हुए आउटसोर्सिंग से भर्ती करती रही है। इससे प्रदेश के युवक बेराजगार हो गए हैं। उन्हें काम की तलाश है। जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनेगी तो आउटसोर्सिंग को बंद कर प्रदेश के युवाओं को सीधे नौकरी दी जाएगी।
प्रदेश से 37 हजार महिलाएं गायब : पूर्व केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं को सुरक्षा नहीं देने का आरोप लगाते हुए प्रदेश सरकार की जमकर खिंचाई की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की 37 हजार महिलाएं गायब हैं और सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है, जो सरकार नारियों की सुरक्षा नहीं कर सकती, उसे सत्ता में रहने का अधिकार नहीं है। प्रदेश में लॉ एंड आर्डर नाम की कोई चीज ही नहीं रह गई है।
माओवादी हिंसा भी पहले से ज्यादा
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पहले छत्तीसगढ़ के दो ही जिले माओवाद से प्रभावित थे और पूरा प्रदेश माओवाद से ग्रस्त हो गया है। यह सब माओवाद को खत्म करने के लिए बनाई गई कमजोर नीति का नतीजा है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक और आंध्रप्रदेश सरकार ने माओवादियों के खिलाफ ऐसा मोर्चा खोला कि उनके हौसले टूट गए और वहां लगभग माओवाद खत्म हो गया है।