
Ajay Goyal
अम्बिकापुर/सूरजपुर/बलरामपुर. विधानसभा चुनाव में अविभाजित सरगुजा की 8 सीट पर प्रमुख दलों के प्रत्याशियों का दिन काफी मुश्किल भरा रहा। कलक्टोरेट परिसर में बागी व दमदार निर्दलीय प्रत्याशियों की नाम वापसी के लिए दिनभर गहमागहमी के बीच मान-मनौव्वल का दौर चलता रहा। इसमें भटगांव व प्रेमनगर विधानसभा से भाजपा के लिए अच्छी खबर आई।
भटगांव से अजय गोयल व किरण केराम जैसे बड़े नाम के नेताओं ने नामांकन वापस लेकर पार्टी को राहत दी तो प्रेमनगर में दरोगा सिंह ने भी नाम वापस लेकर प्रत्याशी विजय प्रताप सिंह की मुश्किलें कम की है। लेकिन रामानुजगंज विधानसभा से भाजपा के लिए बुरी खबर आई, यहां रामकिशुन सिंह को टिकट मिलने से नाराज हुए जिला पंचायत सदस्य विनय पैंकरा ने नाम वापस नहीं लिया, पार्टी की सारी कोशिश यहां फेल हो गई।
विनय पैंकरा के चुनावी मैदान में उतरने से भाजपा को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। वहीं भटगांव विधानसभा से कांग्रेस में बागी हुए छत्तरलाल सांवरे ने भी नाम वापस लेकर पार्टी को राहत दी है।
नाम वापसी के पश्चात अब कुल मिलाकर लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र से 15, अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र से कुल 22 तथा सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से 11 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इसी तरह सूरजपुर जिले के भटगांव, प्रतापपुर व प्रेमनगर सीट से कुल 45 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय सरगुजा से प्राप्त जानकारी के अनुसार लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार कुंज बिहारी सिंह एवं निरंजन बरवा ने अपने नाम वापस लिए। इसी प्रकार अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र से गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के रामजीत सिंह आरमो, निर्दलीय उम्मीदवार साधना कश्यप एवं मनोज मोहन खलखो द्वारा अपने नाम वापस लिए गए।
वहीं बलरामपुर जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार सिर्फ रामानुजगंज विधानसभा से तीन निर्दलीय उम्मीदवार शिवभरोस लकड़ा, मुंशी राम सांडिल्य व सुखदेव सिंह ने नाम वापस लिया। वहीं सामरी से किसी भी उम्मीदवार ने नाम वापस नहीं लिया। इन दोनों सीट पर अब २६ उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
लुंड्रा में ये बचे चुनावी मैदान में
नाम वापसी के पश्चात् अब लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र से इंडियन नेशनल कांग्रेस के डॉ. प्रीतम राम, भारतीय जनता पार्टी के विजयनाथ सिंह, आम आदमी पार्टी के प्रदीप बरवा, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के चक्रधारी सिंह, समाजवादी पार्टी के रामकुमार सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार राम प्रसाद टेकाम, निर्दलीय उम्मीदवार चैन साय किण्डो,
पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड के फ्रांसिस्का तिर्की, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के मीना टेकाम, निर्दलीय उम्मीदवार सुनाराम एक्का, बहुजन समाज पार्टी के माया प्रजापति, निर्दलीय उम्मीदवार भरत सिंह मरावी, निर्दलीय उम्मीदवार सुमित्रा सिंह पैकरा, निर्दलीय उम्मीदवार नरेन्द्र पैकरा एवं निर्दलीय उम्मीदवार श्री पारस लकड़ा शामिल हैं।
अंबिकापुर में सर्वाधिक प्रत्याशी
नाम वापसी के पश्चात् अम्बिकापुर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के अनुराग सिंहदेव, इंडियन नेशनल कांग्रेस के त्रिभुवनेश्वर शरण सिंहदेव, बहुजन समाज पार्टी के सीताराम दास, जनता कांग्रेस के टीएस सिंह, आम आदमी पार्टी के साकेत त्रिपाठी, निर्दलीय उम्मीदवार सत्येन्द्र कुमार सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार विजय कुमार पैकरा,
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के गोपाल प्रसाद गुप्ता, पिछड़ा समाज पार्टी के पारसनाथ राजवाड़े, छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के झमलेश्वर पैकरा, शिव सेना पार्टी के शरद त्रिपाठी, राष्ट्रीय महान गणतंत्र पार्टी के सुजान बिंद, निर्दलीय उम्मीदवार कृष्णनंदन सिंह, निर्दलीय उम्मीदवार विजय तिवारी, अम्बेडकराइड पार्टी ऑफ इंडिया के त्रिभुवन कुमार,
बहुजन मुक्ति पार्टी के अरविंद कच्छप, निर्दलीय उम्मीदवार तरूण कुमार भगत, निर्दलीय उम्मीदवार क्रांति कुमार रावत, निर्दलीय उम्मीदवार मुस्कान रजक, निर्दलीय उम्मीदवार अलीमुद्दीन कादरी, निर्दलीय उम्मीदवार टीएस पैकरा एवं निर्दलीय उम्मीदवार कमल कुमार कश्यप शामिल हैं।
सीतापुर से इतने उम्मीदवार
सीतापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में इंडियन नेशनल कांग्रेस की ओर से अमरजीत भगत, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ की ओर से सेतराम बड़ा, भारतीय जनता पार्टी की ओर से गोपाल राम बड़ा, आम आदमी पार्टी की ओर से अशोक तिर्की, निर्दलीय उम्मीदवार रामचन्द्र पैकरा,
निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल लकड़ा, निर्दलीय उम्मीदवार शांति प्रकाश टोप्पो, निर्दलीय उम्मीदवार मुन्नालाल टोप्पो, पिछड़ा समाज पार्टी यूनाइटेड की ओर से जेम्स टोप्पो, निर्दलीय उम्मीदवार गोपाल तिग्गा एवं निर्दलीय उम्मीदवार विपिन बिहारी पैंकरा शामिल हैं।
मुन्ना टोप्पो ने बढ़ाई मुश्किल
सीतापुर विधानसभा में जकांछ से टिकट काटे जाने पर बागी हुए जिला पंचायत सदस्य मुन्ना टोप्पो ने बागी तेवर अपनाते हुए निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया था।
उनका नामांकन वापसी कराने कांग्रेस व जकांछ ने पूरी कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उनके चुनावी मैदान में उतरने से कांग्रेस, जकांछ व भाजपा के प्रत्याशियों की मुश्किल बढ़ गई है।
Published on:
05 Nov 2018 08:32 pm
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