
रायपुर . छत्तीसगढ़ में पौने दो लाख शिक्षाकर्मियों की 11 दिन से चल रही हड़ताल को खत्म करने के लिए प्रदेश सरकार ने एक बार फिर पहल की है। शिक्षाकर्मियों की संविलियन रैली (2 दिसंबर) के एक दिन पहले प्रदेश सरकार ने शिक्षाकर्मी संगठन के पदाधिकारियों को एक बार फिर बातचीत का न्यौता दिया है। सरकार के बुलावे पर शिक्षाकर्मी संगठन के पदाधिकारी 1 दिसंबर को दोपहर 12 बजे अपर मुख्य सचिव पंचायत आरपी मंडल के साथ चर्चा करेंगे।
संगठन के प्रांतीय संचालक केदार जैन ने यह जानकारी के देते हुए बताया कि प्रदेश सरकार के बुलावे पर वे मांगों को लेकर चर्चा करेंगे। उधर, प्रदेश संगठन ने सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन के लिए शिक्षाकर्मियों से आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि शासकीय करण और संविलियन सहित नौ सूत्रीय की मांग को लेकर 2 दिसंबर को शिक्षाकर्मी पूरे प्रदेश स्तर पर संविलियन रैली निकालेंगे।
इससे पहले सरकार की सख्ती के बाद भी शिक्षाकर्मी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं और हड़ताल 11वें दिन भी जारी रही। जबकि शिक्षाकर्मियों की क्रमिक भूख हड़ताल का यह दूसरा दिन है। इस दौरान हड़ताली शिक्षाकर्मियों ने प्रदेश की रमन सरकार पर जमकर हमला बोला। धरनास्थल पर बैठे शिक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांगे पूरी नहीं होने पर क्रमिक भूख हड़ताल को जारी रखने की चेतावनी दी।
बतादें कि राज्य सरकार की सख्ती के विरोध में शिक्षाकर्मियों ने बुधवार से क्रमिक भूख हड़ताल की शुरुआत कर दी। प्रदेश के सभी 146 विकासखंडों में करीब 1460 शिक्षाकर्मी भूख हड़ताल पर रहकर सरकार के प्रति आक्रोश जताया। छत्तीसगढ़ शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय संयोजक संजय शर्मा व केदार जैन ने कहा कि सरकार की सख्ती के आगे शिक्षाकर्मी नहीं झुकेंगे। वे अपने वाजिब हक के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं।