रायपुर

राजधानी के दो बड़े सरकारी अस्पताल का हाल, कंपनियों को हर साल कर रहे करोड़ों का भुगतान

प्लेसमेंट कंपनियों के भरोसे डीकेएस और आंबेडकर अस्पताल की व्यवस्थाएं, बेरोजगारों से बेजा वसूली भी

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Sep 28, 2018
Chhattisgarh Government hospital: DKS and ambedkar hosiptal condition
राजधानी के दो बड़े सरकारी अस्पताल का हाल, कंपनियों को हर साल कर रहे करोड़ों का भुगतान

विकास सोनी@रायपुर. बेरोजगार युवाओं से रोजगार के नाम पर वसूली करने वाली सीएमएस कंपनी को कई विभागों में स्टाफ सप्लाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनमें राजधानी के दो बड़े अस्पतालों डीकेएस (दाऊ कल्याण सिंह सुपरस्पेशयालिटी अस्पताल) और आंबेडकर(सरकारी अस्पताल) भी शामिल हैं। दोनों ही अस्पतालों में कंपनी को लगभग ३५५ कर्मियों की व्यवस्था बनाने का जिम्मा सौंपा गया है।

एेसे में कंपनी को लगभग ३६ लाख रुपए का भुगतान किया जा रहा है। सोमवार को पत्रिका के स्टिंग में डीकेएस के १०५ पदों पर १० हजार प्रति व्यक्ति की वसूली की हकीकत सामने आई है, एेसे में अन्य पदों पर भी वसूली से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं, प्रबंधन ने इस वसूली पर कार्रवाई से इंकार कर दिया है। दोनों ही अस्पतालों के अधीक्षकों का कहना है कि उनकी ओर से कंपनी को स्टॉफ की सप्लाई का जिम्मा दिया गया है, जिसके एवज में कंपनी को सालाना करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं। एेसे में वह कर्मियों से पैसे ले या फिर कुछ भी करे हमारी कोई जवाबदारी नहीं बनती।


आंबेडकर अस्पताल में पिछले ८ साल से यह कंपनी कर्मियों की सप्लाई कर रही है, जिसके एवज में प्रबंधन की ओर से सालाना २-३ करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है। इसमें सभी कर्मियों को कलक्टर दरों के अनुसार अकुशल, कुशल, अद्र्धकुशल और उच्च कुशल दरों के अनुसार भुगतान किया जाता है। वहीं, कंपनी के संचालक के अनुसार डीकेएस में टेंडर के लिए ४० लाख रुपए ईएमडी दी गई है। एेसे में ३ फीसदी के हिसाब से उसे १०५ पदों के लिए १३ करोड़ रुपए सालाना भुगतान किया जाएगा।


सहायक श्रमायुक्त, रायपुर, Chhattisgarh

Published on:
28 Sept 2018 05:16 pm