
Chhattisgarh News(pho-patrika)
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राजधानी रायपुर में आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि राज्य सरकार चाहती है कि श्रमिकों के बच्चे केवल मजदूर बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और प्रशासक बनकर प्रदेश और देश की सेवा करें। इस अवसर पर विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
श्रम विभाग द्वारा आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत प्रत्येक विद्यार्थी को दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। सम्मानित विद्यार्थियों में कक्षा 10वीं के 9 और कक्षा 12वीं के 13 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, दुर्ग, महासमुंद, गरियाबंद, रायगढ़, कांकेर, बलौदाबाजार और सक्ती सहित विभिन्न जिलों से हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इन विद्यार्थियों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उनके माता-पिता के संघर्ष, मेहनत और त्याग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में रहकर भी इन बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है और यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में स्वयं को कमजोर न समझें। शिक्षा और मेहनत के बल पर कोई भी व्यक्ति जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों और उनके परिवारों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिक परिवारों को बेहतर जीवन और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लें और अन्य जरूरतमंद श्रमिकों को भी इन योजनाओं की जानकारी दें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न श्रमिक कल्याण योजनाओं के तहत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की।
यह राशि निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, श्रमिक औजार सहायता योजना, साइकिल सहायता योजना और पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदान की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और एक लाख रुपये दोपहिया वाहन खरीदने के लिए दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा, कोचिंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
सम्मानित विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग की योजनाओं से उन्हें पढ़ाई जारी रखने में मदद मिली है। कई विद्यार्थियों ने कहा कि वे इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंगे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण भी किया। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, श्रम और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय समाज के भविष्य से जुड़े हैं और सभी को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए।
Updated on:
5 Jun 2026, 6:28 PM IST
Published on:
5 Jun 2026, 6:25 PM IST
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